ब्रेकिंग स्टोरी: ‘नशा नहीं, अब नशा मुक्ति’ 🛑
“ज़िंदगी बर्बाद करने वाले नशे के खिलाफ प्रशासन का सबसे बड़ा वार”
🔴 रायवाला में खुलेगा राज्य और ज़िले का पहला सरकारी पुनर्वास केंद्र
💰 डीएम सविन बंसल ने स्वीकृत किए 57.04 लाख रुपये
🏥 30 बिस्तरों वाला केंद्र, अनुभवी NGO को दी जाएगी कमान

💔 ज़हर से जंग, अब सरकार संग!
“हर नशेड़ी को अब मिलेगा ज़हर से बाहर निकलने का आख़िरी मौका…”
यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं, बल्कि देहरादून ज़िले की नई हकीकत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ मुहिम को जिलाधिकारी सविन बंसल ने जमीनी रूप दिया है। अब राज्य को मिलेगा पहला सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, वो भी देहरादून के रायवाला में।
🚨 प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम
जिला प्रशासन ने 57.04 लाख रुपये का बजट खनन न्यास निधि से पास कर दिया है।
30 बिस्तरों वाले इस केंद्र में होंगी ये सुविधाएं:
- रजिस्ट्रेशन काउंटर
- ओपीडी और आइसोलेशन रूम
- स्टाफ और स्टोर रूम
- बायोमैट्रिक, कंप्यूटर, स्टेशनरी
- दवाइयों से लेकर भोजन तक की सम्पूर्ण व्यवस्था
🗣️ “नशा एक बीमारी है, इलाज ज़रूरी है” – डीएम सविन बंसल
जिलाधिकारी ने कहा,
“नशे के जाल में फंसे युवाओं को वापस लाना हमारी ज़िम्मेदारी है। प्रशासन का ये पुनर्वास केंद्र उनकी जिंदगी को नई दिशा देगा।”
🏚️ वृद्धाश्रम बनेगा आशा स्थल
रायवाला के राजकीय वृद्धाश्रम के पहले तल पर 13 कमरों में यह केंद्र संचालित होगा।
जल्द ही अनुभवी NGO का चयन किया जाएगा, जो इस सेंटर का संचालन संभालेगा।
👥 अहम बैठक, अहम फैसले
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, CMO डॉ. एमके शर्मा समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस फैसले के साक्षी बने।
यह केवल एक केंद्र नहीं — यह उम्मीद है, संकल्प है, और बदलाव की शुरुआत है।
🔚 अब नहीं होगा कोई अकेला नशे की गिरफ्त में… प्रशासन बनेगा सहारा 🔚
👉 सवाल यही है — क्या समाज तैयार है अपने नशे के शिकार बेटों और भाइयों को फिर से गले लगाने के लिए?
क्योंकि सरकार ने तो अपना हाथ बढ़ा दिया है…
