अब ‘अलर्ट मोड’ में देहरादून: शहर में 16KM रेंज के आधुनिक सायरन लगने शुरू

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देहरादून अब ‘अलर्ट मोड’ में – डीएम की पहल पर जिले को मिला अत्याधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन सिस्टम

➡ आपातकालीन परिस्थितियों में अब पूरे शहर में गूंजेगी चेतावनी की एकसमान आवाज
➡ डीएम सविन बंसल की प्रेरणा और निगरानी में आपदा संचार प्रणाली का बड़ा उन्नयन
➡ अब सेना, एयरपोर्ट, अस्पतालों तक एक साथ पहुंचेगा आपात संदेश

देहरादून, 14 जून (Meru Raibar News)
आपदा या युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में अब राजधानी देहरादून पहले से कहीं ज्यादा सतर्क और सुसज्जित होगी। जिलाधिकारी सविन बंसल की प्रेरणा और नेतृत्व में जनपद को अत्याधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन सिस्टम की सौगात मिली है, जिसका परीक्षण शनिवार को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में किया गया।

🔊 शहर के 15 प्रमुख स्थानों पर लगेंगे 8 से 16 किमी रेंज वाले आधुनिक सायरन
पहले चरण में देहरादून शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित 15 पुलिस थानों और चौकियों पर यह हाई-टेक सायरन लगाए जा रहे हैं। इनमें से 6 सायरन की रेंज 16 किलोमीटर तक और 9 की रेंज 8 किलोमीटर तक है। ये सायरन न केवल संबंधित थाना-चौकियों से संचालित किए जा सकेंगे, बल्कि जिला स्तर पर भी इन्हें एक साथ ट्रिगर किया जा सकेगा।
डीएम बंसल ने स्पष्ट किया कि “इस सिस्टम का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों तक तत्काल चेतावनी पहुंचाना है, ताकि लोग समय रहते खुले क्षेत्रों से हटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।”

🛰️ आने वाला है अगला चरण – रैपिड कम्युनिकेशन सिस्टम
सायरन सिस्टम के बाद डीएम बंसल अब जिले में Rapid Communication System भी लागू करने जा रहे हैं। यह सिस्टम पहली बार आर्मी, पैरामिलिट्री, एयरपोर्ट, बड़े अस्पतालों और आईएसबीटी जैसे वायटल इंस्टॉलेशनों को आपस में जोड़ देगा। युद्ध जैसी आपदा की स्थिति में ये सभी इकाइयाँ एक साथ जुड़े रह सकेंगी और तत्काल निर्णय ले सकेंगी।

📍 दूसरे चरण में ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता में भी लगेंगे चेतावनी सायरन
डीएम ने जानकारी दी कि सायरनों का यह नेटवर्क सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगा। दूसरे चरण में जनपद के ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता समेत अन्य प्रमुख क्षेत्रों को भी इस चेतावनी प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

🛑 1970 के पुराने सायरन होंगे इतिहास
डीएम बंसल ने कहा कि अब तक देहरादून में 1970 के दशक के पुराने सायरन लगे थे, जो अब की घनी आबादी और विस्तार को देखते हुए पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके हैं। नए सायरन इनकी जगह लेंगे, जिनकी आवाज प्रत्येक कोने तक पहुंच सकेगी।

👥 नागरिक सुरक्षा होगी और सशक्त
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सायरन ऐसे स्थानों पर लगें जहां कोई भौतिक अवरोधक न हो, ताकि आवाज़ बिना बाधा के दूर-दूर तक सुनी जा सके।
उन्होंने जोर दिया कि यह पहल सिविल डिफेंस सिस्टम को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

👨‍✈️ प्रशासनिक टीम की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, एसडीएम सदर हरिगिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल जोशी, आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


📌 Meru Raibar View:
देहरादून अब सिर्फ पहाड़ी सौंदर्य का शहर नहीं, बल्कि तकनीकी और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी उत्तराखंड का सबसे एडवांस जिला बनता जा रहा है। डीएम की यह पहल एक उदाहरण है कि तकनीक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति मिलकर जनता की सुरक्षा को नई ऊंचाई दे सकते हैं।


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