देहरादून से पर्यटन के नए युग का आगाज!- “रोमांच, अध्यात्म और उत्तराखंड की अनोखी पहचान”-CM धामी

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🌄 सबहेडलाइन:
‘थ्रोन ऑफ द गॉड्स’ बुक का विमोचन, अल्ट्रा मैराथन का लोगो लॉन्च, और साहसिक पर्यटन को मिला नया आयाम
मुख्यमंत्री बोले — हर गांव, हर घाटी बनेगा आत्मनिर्भर उत्तराखंड की पहचान!


🔥 ओपनिंग (भावनात्मक आरंभ):
देहरादून के गढ़ी कैण्ट में सोमवार का दिन उत्तराखंड के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया!
हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब “उत्तराखंड @25 — रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव” की शुरुआत की, तो पूरा सभागार तालियों की गूंज से गूंज उठा।
यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा और आत्मविश्वास का उत्सव था।


📖 संस्कृति और गौरव का संगम:
मुख्यमंत्री ने नीति में होने वाली अल्ट्रा मैराथन का लोगो जारी किया और पर्यटन विभाग की शानदार कॉफी टेबल बुक ‘थ्रोन ऑफ द गॉड्स’ का विमोचन किया।
उन्होंने कहा —

“हमारा राज्य रोमांच, अध्यात्म और संस्कृति का संगम है। यही हमारी असली पहचान है, यही हमारी ताकत है।”


🏆 सम्मान और उपलब्धियों की झड़ी:
कार्यक्रम में राज्यभर के फोटो प्रदर्शनी विजेताओं, श्रेष्ठ होमस्टे संचालकों, एस्ट्रो टूर गाइड्स और पर्वतारोहियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने काला नाग चोटी फतह करने वाले ITBP के दल और पर्यटन विभाग की टीम को भी शाबाशी दी।
मंच पर जब पुरस्कार विजेताओं के नाम पुकारे जा रहे थे, तो दर्शकों में गर्व और जोश दोनों की लहर दौड़ पड़ी।


🚀 उत्तराखंड @25 — विकास की नई उड़ान:
मुख्यमंत्री धामी ने कहा —

“25 साल पहले जो सपना देखा था, आज वह साकार हो रहा है। यह हमारे आंदोलनकारियों की तपस्या और जनता की मेहनत का परिणाम है।”

उन्होंने बताया कि राज्य में अब ऑल वेदर रोड, डिजिटल कनेक्टिविटी, होमस्टे मिशन और स्टार्टअप योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन योजना और दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना ने हजारों युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर ला खड़ा किया है।


⛰️ रोमांच का नया उत्तराखंड:
धामी ने बताया कि अब उत्तराखंड सिर्फ तीर्थाटन नहीं, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बन चुका है।

“मसूरी से मुनस्यारी और चमोली से टिहरी तक, हर घाटी में रोमांच का नया संसार बस रहा है।”

पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों से युवाओं को साहसिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।


🌌 एस्ट्रो टूरिज्म और वेड-इन-उत्तराखंड से नई दिशा:
मुख्यमंत्री ने बताया कि एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड, और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट जैसी पहलों से राज्य का पर्यटन अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई पहचान बना रहा है।

“प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है — उत्तराखंड की असली शक्ति इसकी आध्यात्मिक शक्ति है।”

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे स्थान अब सिर्फ आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा के प्रतीक हैं।


💰 निवेश और भविष्य की दिशा:
नई पर्यटन नीति के तहत ₹5,500 करोड़ के 207 से अधिक प्रोजेक्ट्स प्रगति पर हैं।
साथ ही “एक जनपद, दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन” और “सौर स्वरोजगार” जैसी योजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही हैं।


🏔️ मुख्यमंत्री का आह्वान:
धामी ने भावनात्मक स्वर में कहा —

“प्रधानमंत्री मोदी ने हमें 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है।
हर उत्तराखंडी अगर अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाए, तो हम उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध राज्य बना सकते हैं।”


✨ समापन (प्रेरणादायक अंत):
देहरादून के इस मंच से जब मुख्यमंत्री ने कहा —

“अब हर घाटी में विकास का सूरज उगेगा,”
तो लगा मानो हिमालय की चोटियाँ भी गर्व से मुस्कुरा उठीं।
क्योंकि यह सिर्फ 25 साल का जश्न नहीं,
यह आने वाले 25 वर्षों के उज्ज्वल उत्तराखंड की शुरुआत थी।

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