📍 प्रारंभिक झटका, अब चेतावनी नहीं—एक्शन होगा!
देहरादून पुलिस अब सिर्फ समझा नहीं रही, बल्कि नशे के खिलाफ सुनियोजित जंग छेड़ चुकी है।
“ड्रग फ्री देवभूमि 2025” के लक्ष्य को लेकर पुलिस लाइन देहरादून में आज कॉलेज, हॉस्टल और पीजी संचालकों की बैठक में जिम्मेदारी तय हुई, चेतावनी दी गई और एक्शन प्लान तैयार हो गया।

🧠 अब हर कॉलेज को बनना होगा “ड्रग फ्री कैंपस”
एसएसपी देहरादून और एसएसपी STF ने कॉलेज प्रबंधकों से साफ शब्दों में कहा —
“अब नशा रोकने में कोताही नहीं चलेगी। डिबेट, पोस्टर, सेमिनार, पाम्पलेट—हर हथियार इस्तेमाल कीजिए।”
हर संस्थान को छात्रों के साथ मिलकर कैंपस में ड्रग्स के खिलाफ माहौल बनाना होगा।
🧾 अब एडमिशन से पहले भरवाना होगा ‘कन्सेंट फॉर्म’
- अब कॉलेज में एडमिशन के वक़्त ही छात्र और उनके अभिभावक को ड्रग टेस्ट के लिए सहमति देनी होगी।
- संशय होने पर पुलिस मेडिकल टीम के साथ सीधे हॉस्टल में आकर करेगी रैंडम टेस्ट।
“छात्र संदेह में हो, तो रुकना नहीं — सीधा टेस्ट और कार्रवाई हो!” – एसएसपी देहरादून
🚨 ड्रंक एंड ड्राइव में पकड़ा गया? कॉलेज को देना होगा जवाब
पुलिस ने साफ कहा —
- यदि कोई छात्र ड्रग्स या ड्रंक एंड ड्राइव में पकड़ा गया तो कॉलेज को सूचित किया जाएगा।
- कॉलेज को बताना होगा कि उसने क्या कार्रवाई की।
❗ अब छिपाओगे, तो फँसोगे!
अगर कोई हॉस्टल, पीजी या कॉलेज ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी छिपाता है, तो
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
❤️ नशे में फंसे छात्र की होगी काउंसलिंग, नहीं मिलेगा बहाना
- हेल्पलाइन 14446 पर सूचना देकर नशे में फंसे छात्र को एडिक्शन सेंटर भेजा जाएगा।
- संस्थानों की एंटी-ड्रग कमेटी को अब सिर्फ नाम की नहीं, हर महीने सक्रिय रूप से काम करना होगा।
📞 जरूरी हेल्पलाइन नंबर्स
- ड्रग्स से जुड़ी शिकायत हेतु: ☎️ 1933
- काउंसलिंग और मदद हेतु: ☎️ 14446
🔚 “युवा बचेंगे तो देवभूमि बचेगी” — ये सिर्फ नारा नहीं, अब सख्त कानून और जनता की साझेदारी का मिशन है।
देहरादून पुलिस की यह नई पहल नशे के खिलाफ केवल मुहिम नहीं, बल्कि आने वाले कल को बचाने की जिम्मेदारी है।
📢 अब हर कॉलेज, हर हॉस्टल, हर पीजी को तय करना होगा — वो बदलाव का हिस्सा बनेंगे या कार्रवाई के घेरे में आएंगे।
