AHTU और कोतवाली पुलिस की छापेमारी में 6 गिरफ्तार, आपत्तिजनक हालत में पकड़ी गई महिलाएं और पुरुष
देहरादून।
“कमरे बंद थे… दरवाज़ा खुला, तो सामने ऐसा मंजर था जिसे देख पुलिसवाले भी हैरान रह गए!”
देहरादून के राजा रोड पर स्थित आशियाना गेस्ट हाउस की चारदीवारी के भीतर चल रहा था गुनाह का खेल। बाहर से सबकुछ शांत दिखता था, मगर अंदर जिस्मफरोशी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना पर यहां आकस्मिक छापा मारा और सात पर्दों में छुपी दलाली की दुनिया को बेनकाब कर दिया।

रात के अंधेरे में जब एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और कोतवाली नगर पुलिस की टीम गेस्ट हाउस में दाखिल हुई, तो अलग-अलग कमरों में दो पुरुष और तीन महिलाएं आपत्तिजनक हालत में मिले। कमरे से नगदी और आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।
एसएसपी देहरादून ने कहा:
“यह केवल देह व्यापार नहीं, बल्कि मानव तस्करी की साज़िश है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पूछताछ में सामने आया कि गेस्ट हाउस को नरेंद्र सिंह रावत नाम के शख्स ने लीज पर लिया था। मैनेजर और उसके साथी बाहरी राज्यों की युवतियों को बुलाकर देह व्यापार करवा रहे थे। ग्राहक फोन पर संपर्क करते थे और फिर गेस्ट हाउस में डील फाइनल होती थी। हर सौदे पर मोटा कमीशन वसूला जाता था।
पुलिस ने मौके से छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनमें पश्चिम बंगाल और बिहार के लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं —
- तापस शाहू (पश्चिम बंगाल)
- कमलेश साहनी (बिहार)
- निक्का देवी (बिहार)
- संजीत कुमार (बिहार)
- गुल्ली देवी (बिहार, हाल रायपुर देहरादून)
- मनु गुरंग (पश्चिम बंगाल, हाल देहरादून)
गेस्ट हाउस के भीतर जिस अंदाज़ में यह धंधा चल रहा था, उसने देहरादून के शांत माहौल को दहलाकर रख दिया। इलाके के लोग सन्न हैं।
एक स्थानीय निवासी ने कहा:
“कौन सोच सकता था कि इतना गंदा काम यहां चल रहा है? हमें तो डर लग रहा है।”
पुलिस अब नेटवर्क की गहरी पड़ताल कर रही है। सवाल ये है — देहरादून जैसे शहर में आखिर कितने और गेस्ट हाउस ऐसे धंधों की पनाहगाह बने बैठे हैं?
यह घटना हमें एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर देती है — क्या सचमुच हम अपने बच्चों, बहनों और समाज को सुरक्षित कह सकते हैं? या फिर गुनाह के ये अड्डे हमारे बीच ही फलते-फूलते रहेंगे?
