देहरादून। जोशीमठ त्रासदी को लेकर दिल्ली और आसपास के प्रवासी कल शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर सत्याग्रह करेंगे।
वॉइस ऑफ माउंटेन संस्था द्वारा आयोजित वे कई अन्य संस्थाओं द्वारा समर्थित इस सत्याग्रह में उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप प्रतिभाग करेंगे।
कल के सत्याग्रह के बाबत यहां जानकारी देते हुए धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि जोशीमठ त्रासदी की शुरुआत है अब आज एक महीना हो गया है परंतु उत्तराखंड सरकार की लापरवाही का आलम यह है कि अब तक भी नुकसान से हुए सर्वेक्षण की रिपोर्ट आज तक भी केंद्र सरकार को भेज नहीं पाई है नतीजा यह है कि जोशीमठ के लोग कराह रहे हैं और केंद्र सरकार है कि रिपोर्ट ना मिलने के कारण ₹1 भी उत्तराखंड सरकार की सहायता नहीं कर पा रही है उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील की कि वे इस मामले का निस्तारण जल्दी करें जिससे कि केंद्र की सहायता से न केवल जोशीमठ के लोगों का विस्थापन हो सके बल्कि उनके पुनर्वास की भी जल्द से जल्द व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा इस सत्याग्रह के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा बजट में उत्तराखंड के लिए किसी भी प्रकार के विशेष पैकेज की घोषणा न किए जाने को भी प्रवासी उत्तराखंडी निशाना बनाएंगे और किरण नेगी और अंकिता भंडारी कांड के दोषियों को सजा दिलाने हेतु अच्छे वकीलों की नियुक्ति ना किए जाने को भी मुद्दा बनाया जाएगा उन्होंने जोशीमठ के प्रभावितों की सहायता के लिए 1000 करोड़ रुपए के पैकेज की मांग फिर दोहराई है।
