उत्तरकाशी
कोरोना महामारी के चलते उत्तराखंड के चार धाम यात्रा पर दुसरे वर्ष भी व्रेक लग गया है | सीएम तीरथ सिंह रावत की घोषण के बाद चार धाम यात्रा से जुड़े पंडा समाज, तीर्थ पुरोहित के साथ होटल और अन्य कारोबारियों के साथ ही स्थानीय टैक्सी और बस चालको में मायूसी छा गयी है | गंगोत्री मंदिर समिति ने हरिद्वार कुंभ मेले की तर्ज पर 72 घंटे पूर्व की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट के साथ चार धाम यात्रा को चलाने की मांग की है | उन्होंने कहा कि यात्रा कुछ समय स्थगित की जा सकती है और फिर बीच का मार्ग निकाल कर covid गाइड लाइन का सख्ती से पालन करते हुए सीमित संख्या में यात्रा संचलित की जा सकती है अन्यथा यात्रा से जुड़े परिवार भुखमरी के कगार पर पहुच जायेंगे
चार धाम यात्रा के दो प्रमुख पड़ाव गंगोत्री और यमनोत्री को अपने में समेटे उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजलवान ने चार धाम यात्रा कारोबारियों की चिंता को समझते हुए जिला धिकारी उत्तरकाशी और प्रभारी मंत्री से जिला योजना का 60 फीसदी धन यात्रा मार्ग से जुड़े गावो में खर्च करने का सुझाव दिया है ताकि लोगो को कुछ तो रोजगार मिल सके |
