कोविड केयर सेन्टरों के लिए नोडल अधिकारी व केन्द्र प्रभारियों की तैनाती की

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रूद्रपुर। जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में पुनः निरन्तर वृद्धि के दृष्टिगत अतिरिक्त कोविड केयर सेन्टर विकसित करते हुये नोडल अधिकारी व केन्द्र प्रभारियों की तैनाती की है। जिलाधिकारी ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय रूद्रपुर  (इएसआईसीएच) को डिस्ट्रिक कोविड केयर सेन्टर (डीसीसीसी) के रूप में संचालित किया जा रहा है। उन्होने कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय रूद्रपुर हेतु डाॅ0 गौरव अग्रवाल को नोडल व राज्य कर अधिकारी सुनील कुमार को केन्द्र प्रभारी नामित किया है। उन्होने बताया कि इसके  अतिरिक्त चयनितध्अधिगृहित डीसीसीसी सूरजमल आयुर्वेदि मेडिकल कालेज किच्छा हेतु डा0 अश्वनी चैबे को नोडल व राज्य कर अधिकारी डाॅ मोहन सिंह राणा को केन्द्र प्रभारी, होटल जिंजर रूद्रपुर हेतु डाॅ0 गौरव अग्रवाल को नोडल व राज्य कर अधिकारी धीरेन्द्र कुमार भट्ट को केन्द्र प्रभारी, होटल आनन्द कैसल काशीपुर हेतु डाॅ0 अमरजीत सिंह साहनी को नोडल व राज्य कर अधिकारी सत्यप्रकाश को केन्द्र प्रभारी, होटल हेवन काशीपुर हेतु डाॅ0 परमेन्दर तिवारी को नोडल व राज्य कर अधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे को केन्द्र प्रभारी नामित किया है। उन्होने बताया कि उपरोक्त चयनितध्अधिगृहित स्थलों में संक्रमित व्यक्तियों को राजकीय व्यय पर रखा जायेगा। जिलाधिकारी ने डीसीसीसी केन्द्रों हेतु नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये है कि समस्त स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी एवं पर्याप्त स्टाॅफ की व्यवस्था, मरीजो का समय-समय पर परीक्षण एवं दवाईयों की व्यवस्था, आवश्यकता पडने पर आॅक्सीजन आदि अति आवश्कीय सुविधाओं की व्यवस्था एवं गम्भीर मरीजों को एम्बुलेंस के माध्यम से डीसीएचसी व डीसीएच के लिये ससमय रेफर किया जाना सुनिश्चित किया जायें।
         उन्होंने डीसीसीसी हेतु नामित प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि केन्द्र में खान-पान, साफ-सफाई व स्वास्थ्य की व्यवस्थओं का नियमित रूप से निरीक्षण करें व निरीक्षण की सूचना प्रत्येक दिन प्रातः 10 बजे एवं सायं 07 बजे निर्धारित प्रारूप में नोडल डीसीसीसीध्मुख्य विकास अधिकारी या उनके द्वारा अधिकृत सहायक नोडल अधिकारी को उपलब्ध करायें। उन्होने कहा है कि किसी भी केन्द्र में किसी प्रकार की अव्यवस्था होने या व्यवस्थाओं का मानको के अनुरूप न होने की सूचना तत्काल नोडल अधिकारी को उपलब्ध करायेगें व सम्बन्धित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को दूरूस्त करायेगें। उन्होने बताया कि उपरोक्त केन्द्रों को नोडल अधिकारी डीसीसीसी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी अपने पर्यवेक्षण में लेते हुये समस्त आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करवायें। उन्होने कहा कि उक्त आदेशों का उल्लंघन या अनुपस्थिति आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 व महामारी अधिनियम 1897 सपठित उत्तराखण्ड कोविड-19 रेगुलेशन 2020 के अन्र्तगत दण्डनीय होगा।

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