12 वी बार डूब गया देवीसौड़ पुल।
झील में तैर रही इंसानों और पशुओ की लाश।
महामारी की आशंका।
15 अगस्त को पुल पर झंडारोहण के बाद उद्घाटन के लिए vip की हो रही तलाश।
मिट्टी के ढेर से नही हो रही नए पुल से आवाजाही।
गिरीश गैरोला।
टिहरी झील में जल स्तर बढने के बाद चिन्यालीसौड़ का देवीसौड़ पुल 12 वी बार झील में समा चुका है। किंतु पिछली बार की तरह इस बार भी समस्याओं के समाधान के लिए प्रसासन किसी आंदोलन के इंतजार में दिखाई दे रहा है।
देश की ऊर्जा और पेय जल की की जरूरतों को पूर्ण करने वाला टिहरी बांध परियोजना ने बांध से प्रॉफिट लेने के 12 वर्ष बाद प्रभावित गांवों की सुध लेने की जरूरत तक नही समझी। यही कारण है कि लगातार एक ही तरह की दिक्कतों के लिए बिना आंदोलन धरना किये प्रसासन की कान में जु नही रेंगती।
चिन्यालीसौड़ में देवीसौड़ पुल के टिहरी झील के डूब जाने के बाद हुए दर्जनों आंदोलन के बाद सरकार ने इसी स्थान पर 52 करोड़ की लागत से आर्च ब्रिज तैयार करवाया किन्तु 12 वी बार देवीसौड़ का पुराना पुल झील में डूबने के बाद भी नए पुल से आवाजाही सुरु नही की जा सकी। इतना ही नही झील में तैर रहे शवो से उठ रही दुर्गंध से किसी महामारी के फैलने से इनकार नही किया जा सकता। किन्तु इन दिक्कतों से अनजान टिहरी और उत्तरकाशी का जिला प्रशासन आज भी किसी आंदोलन का इंतजार करता दिखाई दे रहा है।
टिहरी झील का विस्तार उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में पहुँचने के बाद 12वी बार देवीसौड़ पुल को जल मग्न कर चुका है। झील में चारो तरफ कूड़ा कचरा तैर रहा है जिसमे इंसानों और जानवरों को सड़ती लाश बदबू मार रही है । नगर पालिका चिन्याली सौड़ के पूर्व पालिका अध्यक्ष शूरवीर सिंह रांगड़ ने बताया कि झील के एक किमी के दायरे में दुर्गंध से जीना मुश्किल है और जल्द ही यदि इसकी सफाई नही हुई तो महामारी फैलने की पूरी संभावना है।
टिहरी झील प्रभावित उत्तरकाशी जनपद के 40 गांवों के लिए देवीसौड़ पुल डूबने के बाद 52 करोड़ की लागत से आर्च पुल तैयार किया गया है, किंतु निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी पुल के दोनों तरफ मिट्टी के ढेर लगा दिए गए है ताकि कोई वाहन आरपार न हो सके। पुराना पुल झील में डूब चुका है और नया पुल तैयार होने के बाद भी यातायात के लिए खोला नही गया है। अब बीमार लोग हो अथवा स्कूल जाने वाले छात्र सबको पैदल अपने गाँव तक जाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगो ने बताया कि अभी 15 अगस्त में मौके पर डीएम के साथ नेताओ ने पुल पर झंडारोहण कर आजादी का जश्न मनाया था लोगो को लगा कि पुल का उद्घाटन हो गया है उन्हें नही मालूम था कि आजादी का जश्न तो मना लिया किन्तु दिचली गमरी पट्टी के 40 गावो समेत एक दर्जन टिहरी के गाव के लोगो को उनकी समस्याओं से अभी भी आजादी नही मिल सकी है।
ग्रामीणों की माने तो उद्घाटन के लिए किसी vip के इंतजार में पुल का आवागमन रोका गया है।



