उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन एंव पुनर्वास मंत्री डाक्टर धन सिंह रावत को नया जिम्मा मिलने के बाद धन सिंह रावत ने पहली बार पौड़ी पहुंचकर जिले के अधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन एंव पुनर्वास की बैठक ली और आपदा प्रबंधन तंत्र की नब्ज टटोली। धन सिंह रावत ने
इस बैठक में कई अहम फैसले भी प्रदेश स्तर पर लिये । उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूती देने के लिये अब प्रदेश की करीब 7200 ग्राम सभाओं में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण ग्राम प्रहरियों और महिला मंगल दल को दिया जायेगा, इसके साथ ही किसी आपदा के घटित हो जाने पर आपदा राहत कार्य में तेजी लाने के लिये पटवारियों के साथ पुलिस कर्मियों को आपदा मोटर बाईक भी दी जायेगी, जिससे समय रहते आपदा घटना स्थल में पहुंचा जा सके वहीं जल प्रलय जैसी आपदा में रैस्कूय करने के लिये मोटर बोट भी एसडीआरएफ टीम को दी जायेगी ।धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश की पहाडी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा प्रभावितों को राहत दिलाने के लिये तमाम अस्पतालों मंे सम्पूर्ण सुविधा लैस बनाया जायेगा जिससे आपदा प्रभावितों को समय पर उपचार मिल सके धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश भर में 350 गांवों का पुनर्वास भी होना है जिसके लिये सरकार प्रयासरत है।
