🔴 भवन बने, पर सुरक्षा पहले! — लापरवाही नहीं चलेगी
चम्पावत | 05 जनवरी 2026
जिले की जनता आज सीधे प्रशासन से रू-ब-रू हुई… और जवाब भी उतना ही सीधा, सख़्त और संवेदनशील मिला। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुए जनता मिलन में एक के बाद एक शिकायतें आईं—और हर शिकायत के साथ प्रशासन की ज़िम्मेदारी भी और भारी हो गई।

⚠️ 93 शिकायतें, एक साफ़ संदेश — “समाधान चाहिए, बहाना नहीं”
सोमवार को जिला सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में 93 शिकायतें दर्ज हुईं।
मुद्दे वही, जो आम आदमी की ज़िंदगी को छूते हैं—
👉 पेयजल
👉 पेंशन
👉 सड़क
👉 बिजली
👉 दिव्यांग अधिकार
👉 आपदा से टूटे घर
👉 जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा
हर चेहरे पर उम्मीद थी… और हर फाइल पर जिलाधिकारी की नज़र।

🚨 “भवन बनाना है तो पहले सुरक्षा सोचिए” — DM का सख़्त रुख
जब सिमल्टा कांड़ा के ग्राम प्रधान ने पंचायत भवन की सुरक्षा दीवार की मांग रखी, तो जिलाधिकारी का स्वर अचानक सख़्त हो गया।
“भवन निर्माण से पहले सुरक्षा मूल्यांकन क्यों नहीं?”
— जिलाधिकारी मनीष कुमार
DM ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए
📌 आपदा प्रबंधन अधिकारी
📌 लोक निर्माण विभाग
को एक सप्ताह में सुरक्षा आकलन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
साथ ही स्पष्ट चेतावनी—
👉 अब कोई भी सामुदायिक भवन बिना स्थल जांच नहीं बनेगा।
🚶 मंदिर का रास्ता बंद? DM का आदेश—आज रात तक खुलेगा मार्ग
एनएच निर्माण के दौरान ताड़केश्वर महादेव मंदिर का पैदल मार्ग बंद होने की शिकायत सामने आई।
DM ने अधिशासी अभियंता (NH) को दो टूक आदेश दिया—
“आज ही, हर हाल में रास्ता खोला जाए।”
श्रद्धा और आस्था से जुड़ा मामला… और प्रशासन ने देर नहीं की।
♿ दिव्यांग और महिलाओं को प्राथमिकता — सिर्फ़ कागज़ी नहीं
60% दिव्यांग रोशन राम की नौकरी की मांग पर DM ने कहा—
“नियमों के भीतर जो संभव है, वह तुरंत किया जाए।”
समाज कल्याण, शिक्षा और विकास विभाग को साफ़ निर्देश—
👉 दिव्यांगों और महिलाओं के मामलों में संवेदनशीलता शून्य नहीं होनी चाहिए।
💧 पेंशन, पानी, राशन—जहाँ जरूरत, वहीं एक्शन
- सिया (ढकना बडोला) — दिव्यांग पेंशन तत्काल शुरू
- सुनीता राणा (छतार) — पेयजल कनेक्शन प्राथमिकता में
- प्रकाश चंद (ललुवापानी) — CM विवेकाधीन कोष से सहायता
- विमला देवी — फसल सुरक्षा के लिए तारबाड़
हर नाम… एक कहानी।
हर कहानी… प्रशासन की परीक्षा।
🗣️ DM का अंतिम संदेश — जनता मिलन सिर्फ़ सुनवाई नहीं
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने साफ़ शब्दों में कहा—
“जनता मिलन का मतलब सिर्फ़ शिकायत सुनना नहीं,
बल्कि उसका स्थायी समाधान करना है।”
✍️ अंत में एक सवाल…
क्या प्रशासन की यह सख़्ती ज़मीन पर भी उतरेगी?
या फिर शिकायतें फिर अगली तारीख़ का इंतज़ार करेंगी?
👉 जनता देख रही है… और अब जवाब भी चाहती है।
