भेष में साधु… असल में ठग! देहरादून में गिरफ्तार हुए 10 बहरूपिए, धर्म की आड़ में छल का खेल!
🛑 धर्म की आड़ में अधर्म!
देवभूमि उत्तराखंड में जब आस्था को ही निशाना बनाया जाए, तो कार्रवाई तय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश पर चला “ऑपरेशन कालनेमि”, और देहरादून पुलिस ने कर डाला एक बड़ा खुलासा।
10 फर्जी बाबाओं की गिरफ्तारी ने न सिर्फ धार्मिक लिबास में छुपे ठगों की असलियत सामने लाई, बल्कि उन मासूम लोगों की आंखें भी खोल दीं, जो भेष को भगवान मान बैठे थे।

🔍 साधु नहीं, शातिर ठग थे ये लोग
एसएसपी देहरादून की निगरानी में पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर इन कथित “साधुओं” को पकड़ा, जो झूठे धार्मिक वादों, तंत्र-मंत्र और डरावनी भविष्यवाणियों से लोगों को बरगलाते थे।
- कोई खुद को “तपस्वी बाबा” बताकर ग्रह-दोष निकालने का दावा करता था
- कोई “माताओं की समस्याओं” का हल देने के नाम पर नकदी और गहने ऐंठता था
- कुछ तो बच्चों की सफलता, पति के प्रमोशन और शत्रु नाश जैसे लालच देकर महिलाओं को शिकार बनाते थे

📌 गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन?
इनमें से 7 आरोपी उत्तराखंड के बाहर के राज्यों से आए हुए थे, और स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठा रहे थे:
- प्रमोद सिंह और सोनी सिंह – लखीमपुर खीरी, यूपी
- अभय नाथ – हरदोई, यूपी
- दिनेश दास – भागलपुर, बिहार
- संजय – पानीपत, हरियाणा
- अनिल कुमार – हिसार, हरियाणा
- एन. अजीत कुमार – कोलर, कर्नाटक
- अशोक कुमार – क्लेमेंट टाउन, देहरादून
- बलवंत बाबा – बेलवाला, हरिद्वार
- मयंक जोशी – धारानौला, अल्मोड़ा
💬 “नारी की पीड़ा और श्रद्धा बनी इनका शिकार”
पुलिस के मुताबिक ये लोग अधिकतर गृहिणियों, बुज़ुर्गों और संकट में फंसे लोगों को निशाना बनाते थे।
“घर में दरिद्रता है”, “संतान पर संकट है”, “पति पर किसी ने तंत्र कराया है” — ऐसी बातें कहकर डर फैलाते और फिर “उपाय” के नाम पर पैसे, सोना, यहां तक कि खाने-पीने का सामान तक मांग लेते।
🎙️ SSP देहरादून का बड़ा बयान
🗣️ “यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, एक चेतावनी है — अब कोई भी भेष में आस्था का मज़ाक नहीं उड़ा सकता। ऑपरेशन कालनेमि जारी रहेगा।”
⚖️ धर्म के नाम पर धोखा, अब सज़ा तय
इन सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है, और पुलिस ऐसे सभी गिरोहों को चिन्हित कर कार्रवाई की तैयारी में है।
🧠 आखिरी सवाल – क्या हम अब भी चेहरों पर यकीन करेंगे?
जब अधर्म, धर्म की चादर ओढ़े — तो सवाल सिर्फ कानून का नहीं, हमारी सोच का भी बन जाता है।
देवभूमि में आस्था को धोखे का ज़रिया नहीं बनने देंगे।
👉 अब समय है आँख खोलने का, और सतर्क रहने का।
