जिलाधिकारी करेंगे फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी करने के मामले की जांच

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राजकीय हास्पिटल डोईवाला में आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए आयोजित विशेष शिविर में कुछ लोगों को फर्जी कार्ड जारी किए जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून को प्रकरण की तत्काल जांच कराकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
अठूरवाला के राजेश द्विवेदी ने यह शिकायती पत्र भेजा था। द्विवेदी ने शिकायती पत्र में उल्लेख किया कि 9 दिसंबर, 19 को राजकीय हास्पिटल डोईवाला में अटल आयुष्मान भारत कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप आयोजित किया गया था। इसमें प्रार्थी अपनी पत्नी और दो पुत्रों के साथ आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने गए थे। वहां कैंप में मौजूद कम्प्यूटर पर बैठे व्यक्ति द्वारा आधार कार्ड के माध्यम से बायोमैट्रिक्स वेरिफिकेशन कर व प्रति कार्ड 70 रुपए भुगतान लेकर परिवार के सभी सदस्यों के कार्ड जारी किए गए थे। चारों कार्ड में  आयुष्मान भारत कार्ड व उत्तराखंड सरकार का विज्ञापन भी संलग्न है। जब प्रार्थी ने इन कार्डों का सत्यापन पीएमजेएवाई.जीओवी.इन के जरिए करवाया तो चारों कार्ड फर्जी साबित हुए। इसकी शिकायत तुरंत उन्होंने आयुष्मान भारत कार्ड योजना प्रभारी पंकज नेगी से की तो उन्होंने भी अपने सर्वर पर चारों कार्ड की जांच की। चारों कार्ड फर्जी होने की पुष्टि हुई। प्रार्थी ने आशंका जताई की इस तरह की आपराधिक साजिश अन्य लोगों से भी हो सकती है। इसलिए इसकी जांच की जानी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को प्रकरण की तत्काल जांच कराकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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