आप सैनिक प्रकोष्ठ का हुआ विस्तार, कर्नल कोटनाला अध्यक्ष व मधवाल बने महासचिव

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देहरादून। आप पार्टी सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष कर्नल कोटनाला द्वारा एक बार फिर सैन्य प्रकोष्ठ का विस्तार करते हुए रिटायर असिस्टेंट कमांडेंट बी पी मधवाल को प्रकोष्ठ में महासचिव पद की अहम जिम्मेदारी दी गई है। पौडी के नैनीडांडा में 6 मई 1950 को जन्मे श्री मधवाल 23 दिसंबर 1967 में बीएसएफ में भर्ती हुए। जिसके बाद 1971 में इन्होंने भारत पाक यूद्ध में पुंछ में रहते हुए अपने शौर्य का प्रदर्शन किया।
नकी वीरता के कारण इन्हें अपने सेवा के दौरान कुपवाडा,कश्मीर में तीन बार पोस्टिंग पर भेजा जिस दौरान इन्होने  आंतकवादियों के खिलाफ कई ऑपरेशन में हिस्सा लिया।  इन्होंने 39 वर्ष बीएसएफ में नौकरी की और 31 मई 2007 को सेवानिर्वत हुए। इन्हें अपनी सेवा में रहने के दौरान पुलिस स्पेशल डयूटी मेडल,संग्राम मेडल 1971,पश्चिमी स्टार मेडल समेत कई अन्य मेडलों से नवाजे गए । इस वक्त श्री मधवाल उत्तराखंड सेंट्रल फोर्स ऐशासिएशन मे पीआरओ के पद पर कार्यरत हैं जिनका कार्य रिटायरर्ड फौजियों की समस्याओं को सुनना है।
इनके अलावा 28 अन्य भूतपूर्व कैप्टन ,भूतपूर्व सूबेदार और भूतपूर्व हवलदारों को भी आज सैनिक प्रकोष्ठ में जोडकर प्रकोष्ठ को मजबूत किया
गया है।
कर्नल कोटनाला ने बताया कि कई भूतपूर्व सैनिक आप पार्टी से जुड रहे हैं और लगातार जिस तरह देश के सच्चे सिपाही आप पार्टी से जुड़ रहे हैं ,उससे पार्टी को काफी मजबूती मिल रही है। उन्होंने आगे बताया कि जब से अरविंद केजरीवाल जी ने पूर्व फौजियों के लिए सरकारी नौकरी में आरक्षण का एलान और हर शहीद को एक करोड की घोषणा की है तब से और भी सैनिक पार्टी के सैनिक प्रकोष्ठ से लगातार संपर्क कर रहे हैं और पार्टी से जुड रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है लेकिन यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि इस प्रदेश में सैनिकों के नाम पर सिर्फ राजनीति होती आई है और आप पार्टी सैनिकों की सच्ची हितैषी है। कर्नल कोटनाला ने कहा,आप पार्टी की सरकार बनने पर सभी गांरटी पूरी की जाएंगी और उन्हे पूरा भरोसा है कि अबकी बार सरकार बनाने में प्रदेश के सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों का बहुत बडा योगदान नजर आएगा।

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