प्रशासन के एक्शन से हिले शिक्षा माफिया, नामी स्कूल बैकफुट पर
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार — फीस वसूली पर लगा लगाम
देहरादून। जिला प्रशासन की सख्ती आखिरकार रंग लाने लगी है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा माफियाओं के खिलाफ चल रही मुहिम अब और तेज हो चुकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से बड़े-बड़े नामी-गिरामी निजी स्कूलों के तेवर ढीले पड़ने लगे हैं और अब वे फीस घटाने को मजबूर हो रहे हैं।
ताजा मामला ‘द प्रेसिडेंसी इंटरनेशनल स्कूल, भनियावाला’ का है, जिसने जिला प्रशासन को लिखित पत्र देकर फीस कम करने की घोषणा की है। कभी मनमाने ढंग से अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने वाला यह स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है।
जिला अधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जब प्रशासन ने सख्त कदम उठाए और स्कूल प्रबंधनों को बुलाया तो कुछ ने उपस्थिति देने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की, और जो सामने आया वह चौंकाने वाला था।
100 से अधिक अभिभावकों ने ‘द प्रेसिडेंसी इंटरनेशनल स्कूल’ के खिलाफ फीस बढ़ोतरी की शिकायत की थी। स्कूल बिना मान्यता नवीनीकरण के संचालित पाया गया, जिस पर प्रशासन ने ₹5,20,000 की शास्ति भी लगाई। यह पहला मौका है जब इस तरह के कड़े कदमों के बाद कोई नामी स्कूल खुद आगे आकर फीस में कटौती की बात कर रहा है।
प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ और लगातार की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई से शिक्षा माफियाओं की नींद उड़ चुकी है। अभिभावकों को राहत मिल रही है, और जिले भर के निजी स्कूलों को अब अपनी मनमानी फीस नीति पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है।
📌 Meru Raibar की खास रिपोर्ट:
➡️ नामी स्कूलों की फीस की जांच तेज
➡️ शिक्षा माफियाओं पर लगातार प्रहार
➡️ अभिभावकों को मिल रही राहत
➡️ जिले में शिक्षा व्यवस्था पर कसा शिकंजा
🖊️ रिपोर्ट: Meru Raibar टीम
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