Meru Raibar | विशेष रिपोर्ट
संविदा कर्मियों के आधार सत्यापन में लापरवाही पर डीएम सख्त, निकायों को दिए कड़े निर्देश
देहरादून, 10 जून 2025 | Meru Raibar ब्यूरो
जिलाधिकारी सविन बंसल एक बार फिर प्रशासनिक जिम्मेदारी में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते नजर आए। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट मरम्मत और अन्य संविदात्मक कार्यों में लगे मजदूरों के आधार कार्ड सत्यापन की रिपोर्ट समय पर न देने पर डीएम ने तीखी नाराजगी जताई है।

डीएम बंसल ने संबंधित निकायों को आज ही सत्यापन रिपोर्ट सचिव गृह, उत्तराखंड शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“शासन के निर्देशों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निकाय तत्काल रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।”
🔍 क्या है मामला?
18 मई को शासन के निर्देशानुसार जिलाधिकारी ने नगर निकायों को निर्देशित किया था कि उनके क्षेत्र में कार्यरत सभी संविदा मजदूरों के आधार कार्ड का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। लेकिन अंतिम तिथि तक कोई भी निकाय यह रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा सका, जिसे जिलाधिकारी ने “गंभीर लापरवाही” बताया।
एडीएम के.के. मिश्रा ने बताया कि यह स्थिति शासन स्तर पर भी चिंताजनक मानी जा रही है।
🧾 सत्यापन क्यों है जरूरी?
डीएम बंसल ने बताया कि सरकार ने सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों की पहचान को प्रमाणित करने और उनकी सेवा को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह सत्यापन:
- कर्मियों की पहचान की पुष्टि करता है,
- सरकारी योजनाओं और लाभों की पात्रता तय करता है,
- और सिस्टम में पारदर्शिता व जवाबदेही लाता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि “समाज के सबसे मेहनतकश वर्ग को न्याय देने का जरिया है।”
🔴 निष्कर्ष:
निकायों की लापरवाही पर प्रशासन का डंडा चलना तय है।
अब देखना यह होगा कि क्या नगर निगम, नगर पालिका और पंचायतें इस चेतावनी के बाद जागती हैं, या जिलाधिकारी को अगला सख्त कदम उठाना पड़ेगा।
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