28 फरवरी को घर बैठेंगे साढ़े चार सौ स्वास्थ्य कर्मी ? कोरॉना काल में देव दूतों की तरह निभाई थी जिम्मेदारी

Share Now

कोरॉना काल में देव दूतों की तरह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले करोना वॉरियर्स आज अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन को मजबूर है| गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने करोना काल में विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की थी लेकिन यह नियुक्ति एक एग्रीमेंट के तहत 11 महीने तक की ही थी| अब 28 फरवरी को उत्तराखंड के लगभग साढ़े चार सौ स्वास्थ्य कर्मियों का यह करार खत्म होने जा रहा है, ऐसे में इन्हें अब अपनी रोजी रोटी का संकट सताने लगा है जिसको लेकर यह कर्मी राज्य सरकार से कई बार अनुरोध कर चुके हैं कि उनका जो एग्रीमेंट है उसे बढ़ाया जाए लेकिन सरकार ने अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, लिहाजा इन्हें आज कार्य बहिष्कार कर अस्पतालों के बाहर धरने पर बैठना पड़ा इतना तो तय है कि सरकार इनकी मांग को माने या ना माने लेकिन जीवन मृत्यु के उस दौर में इन्होंने जो भूमिका निभाई वह सही में देवदूतो से कम नहीं थी बिना किसी खौफ के अपनी जान जोखिम में डालकर यह स्वास्थ्य कर्मी करोना संक्रमित मरीजों के इलाज में रात दिन जुटे रहे ऐसे में मानवता के नाते इनका भी हक बनता है कि इनकी रोजी-रोटी पर संकट ना आए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!