गैरसैंण : CM धामी ने 142.25 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण

Share Now

– राज्य आंदोलनकारियों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि


🌄 सबहेडलाइन:
रजत जयंती समारोह में गूंजा ‘जय उत्तराखण्ड’ — गैरसैंण बना गौरव और विकास का प्रतीक
स्मार्ट सिटी तर्ज पर होगा विकास, नई उड़ान से जुड़ेगी पहाड़ की आसमान से दूरी


🪶 लीड
उत्तराखण्ड की रजत जयंती पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण चमक उठी!
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को यहां 142.25 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर विकास का बिगुल बजा दिया।
राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि और आंदोलनकारियों को सम्मानित कर गैरसैंण की धरती एक बार फिर गर्व और भावना से सराबोर हो उठी।


💬 कार्यक्रम की झलक:
विधानसभा परिसर में हुए इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा —

“हम उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।”

ITBP, IRB और पुलिस दस्तों ने जब बैंड की धुन पर शानदार परेड की, तो पूरा मैदान “जय उत्तराखण्ड” के नारों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और खेल, शिक्षा व कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया।


🏗️ 142.25 करोड़ की सौगात:
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी मॉडल पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

  • 43.63 करोड़ की 27 योजनाओं का लोकार्पण
  • 98.62 करोड़ की 33 योजनाओं का शिलान्यास

उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा कर पहाड़ की उम्मीदों को नई उड़ान दी।


🏞️ राज्य गौरव और संकल्प:
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य निर्माण की नींव रखने वाले सभी आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा —

“अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें राज्य दिया, और आज प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे विकास की नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया है।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आज देश के सतत विकास सूचकांक में प्रथम स्थान पर है और ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का खिताब भी हासिल कर चुका है।


🌱 गैरसैंण: नया विकास मॉडल
धामी ने बताया कि गैरसैंण के सारकोट गांव को मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है।
साथ ही सख्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर पारदर्शिता और जवाबदेही को नई दिशा दी गई है।

“भू-माफियाओं पर लगाम और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा — यही है नया उत्तराखण्ड,”
मुख्यमंत्री ने कहा।


🏔️ पर्वतीय जनभावना का संगम:
समारोह में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आंदोलनकारियों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
46वीं वाहिनी PAC के बैंड की धुनों और NCC महिला दस्ते की परेड ने कार्यक्रम को जीवंत और भावनात्मक रंग दिया।


✨ अंतिम पंक्ति (भावनात्मक समापन):
गैरसैंण की ठंडी हवाओं में जब तिरंगा लहराया, तो लगा —
यह सिर्फ समारोह नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के नए युग की दस्तक थी।
पर्वतों से उठी यह आवाज गूंज रही थी —
“हमारा सपना, आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!