हरीश रावत बार बार जान बूझकर सिक्ख धर्म का अपमान करना चाहते हैं : पूर्व राज्य मंत्री राजेश कुमार

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देहरादून , भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व राज्य मंत्री राजेश कुमार ने कांग्रेस पंजाब संगठन के प्रभारी एवं पूर्व सीएम उत्तराखंड हरीश रावत द्वारा पंज प्यारों के उपर दिये गये अपने विवादित बयान के उपर घेरा है।

राजेश कुमार ने हरीश रावत के इस बयान को घमंड में आकर दिया गया बयान बताया है साथ ही कहा है कि शायद हरीश रावत को पंज प्यारों का मतलब पता नहीं है। उन्होंने हरीश रावत को इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा है कि जब मुगलों ने हिंदुस्तान में आतंक फैलाया था तब दसवें गुरू श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज ने संगत में से ही ऐसे पांच लोगों को चुना था जो उन्हीं की तरह मुगलों के जुल्मों के खिलाफ उनके साथ उनसे कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे। हरीश रावत बार बार जान बूझकर सिक्ख धर्म का अपमान करना चाहते हैं। राजेश ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह ने पंच प्यारों को ही इजाजत दी थी कि वे अमृत चखा कर आम इंसान को सिंह बनायें और फिर उन्हीं की देखरेख में सिक्ख पंथ का उदय हुआ था। सिक्ख पंथ ने ही हिंदुस्तान से मुगल आक्रांताओं को खदेड़ा है। और आज भी इस पंथ के सिंह जुल्मों के खिलाफ लड़ते हैं। राजेश कुमार ने कहा कि पहले जानबूझकर किसी धर्म का मजाक उड़ाना फिर राजनीति के लिये माफी मांगनी कांग्रेस की संस्कृति बन चुकी है। राजेश कुमार ने हरीश रावत के इस बयान की निंदा की है।

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