“यह राजनीति नहीं, न्याय का सवाल है” — BJP का कांग्रेस पर सीधा हमला
देहरादून | 04 जनवरी 2026
एक तरफ जहाँ अंकिता भंडारी को न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस और UKD सहित तमाम सांगतह्ण सीएम आवास घेराव कर रहे है वही बीजेपी इसे कांग्रेस की सियासत बता रही है, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चरम पर है। भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के आह्वान पर आज लैंसडाउन चौक, देहरादून में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी का पुतला दहन किया। नारों की गूंज, हाथों में तख्तियां और आंखों में आक्रोश—माहौल पूरी तरह गर्म रहा।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस एक अत्यंत संवेदनशील और पीड़ादायक मामले को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता को गुमराह कर रही है।
⚡ “सरकार ने शुरू से दिखाई गंभीरता” — BJP
पुतला दहन के दौरान महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने दो टूक कहा:
“अंकिता भंडारी प्रकरण में राज्य सरकार ने शुरुआत से ही गंभीरता दिखाई। SIT का गठन हुआ, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चल रही है। इसके बावजूद कांग्रेस तथ्य नज़रअंदाज़ कर सिर्फ़ राजनीति कर रही है।”
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी और भावनाओं से खेलना कांग्रेस की गैर-जिम्मेदाराना राजनीति को उजागर करता है।
🔥 उत्तरकाशी में भी उबाल, विश्वनाथ चौक पर प्रदर्शन
देहरादून ही नहीं, बल्कि उत्तरकाशी में भी BJP कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
विश्वनाथ चौक पर कांग्रेस का पुतला दहन कर ज़ोरदार नारेबाज़ी की गई।
🗣️ “आरोपियों को मिली आजीवन कारावास” — नागेंद्र चौहान
भाजपा जिला अध्यक्ष नागेंद्र चौहान ने कहा:
“मामला सामने आते ही सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। सभी अभियुक्त गिरफ्तार हुए और उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा मिली। सरकार की मंशा पूरी तरह साफ़ है।”
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी चुनौती दी:
“जो लोग वीडियो वायरल कर रहे हैं, वे उसकी विश्वसनीयता के प्रमाण दें। सरकार हर जांच के लिए तैयार है और साक्ष्य देने वालों को पूरी सुरक्षा मिलेगी।”
⚖️ “CBI चाहिए तो अदालत जाए कांग्रेस”
महानगर अध्यक्ष ने कांग्रेस को सीधी सलाह देते हुए कहा:
“अगर कांग्रेस वाकई CBI जांच चाहती है, तो संवैधानिक रास्ता अपनाए। सोशल मीडिया के ज़रिए उत्तराखंड की शांत वादियों को अशांत करना बंद करे।”
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि
“एक बेटी के सम्मान पर राजनीति कर अपनी डूबती राजनीति बचाने की कोशिश जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।”
👥 सैकड़ों कार्यकर्ता, महिला मोर्चा भी आगे
इस प्रदर्शन में
महावीर नेगी, हरेंद्र सिंह राणा, ललिता सेमवाल, ममता पवार, किरण पवार, चंद्र नेगी, सरिता पडियार, मीरा उनियाल, आशा सेमवाल, सावित्री मखलोगा, वर्फी भक्ति सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, राज्य मंत्री विनोद उनियाल, डॉ. दिव्या नेगी समेत बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
🔚 अंतिम पंक्ति
सड़कों पर जलता पुतला, नारों में उबाल और मंच से कड़े संदेश—
भाजपा ने साफ़ कर दिया है कि अंकिता केस पर राजनीति नहीं, न्याय की लड़ाई होगी। अब सवाल यह है—क्या सियासत थमेगी, या यह आग और भड़केगी?
