झुग्गियों में छापेमारी, खंडहरों तक दबिश — देहरादून में नशा माफिया पर पुलिस की ‘ग्राउंड ज़ीरो’ जंग
देहरादून।
मूसलधार बारिश की परवाह किए बिना, भीगते वर्दी, गीले रास्ते और भाप उठाती सड़कों पर आज वो नज़ारा दिखा, जिसने दून में नशे के सौदागरों के होश उड़ा दिए। खुद एसएसपी देहरादून भारी बारिश के बीच मैदान में उतर पड़े, और सीधे नशे के अड्डों की तरफ कूच कर गए।
“ये दून है, यहां नशे का कारोबार अब नहीं पनपने देंगे,” – ये तेवर थे एसएसपी देहरादून के, जो मद्रासी कॉलोनी और पटेलनगर की ब्रह्मपुरी बस्ती की गलियों में खुद पुलिस टीम के साथ पैदल घूमते नजर आए।
“बारिश हो या तूफान… नशे का धंधा हर हाल में बंद कराएंगे। हर गली, हर खंडहर हमारी नजर में है।”
— एसएसपी देहरादून

झुग्गी-झोपड़ियों में पसरा डर, खंडहरों में सन्नाटा
पटेलनगर की ब्रह्मपुरी हो या मद्रासी कॉलोनी — तंग गलियों में पुलिस का काफिला घुसा, तो लोग दरवाजों पर खड़े होकर देखने लगे। कई जगह पुलिस ने संदिग्धों की तलाशी ली, और उन जगहों पर छापेमारी की जहां पहले से नशा तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं।
खंडहर, सुनसान गलियां, और तंग बस्तियां — अब पुलिस की वॉचलिस्ट में हैं। एसएसपी ने सख्त लहजे में अफसरों को आदेश दिए कि ऐसे इलाकों में रोजाना चेकिंग अभियान चलाओ।
“नशे का कारोबार सिर्फ पुलिस की नहीं, पूरे समाज की लड़ाई है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
— एसएसपी देहरादून
अवैध संपत्ति पर भी गिरेगी गाज
पुलिस का अगला वार सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी तक नहीं रुकेगा। एसएसपी ने साफ कहा कि जो नशे के पैसों से इमारतें, गाड़ियां और दौलत खड़ी की है, वो भी अब निशाने पर है।
“पहले गिरफ्तारी, फिर काली कमाई पर सीधी चोट,” – एसएसपी ने चेताया।
दून बोले – अब डर किस बात का?
भीगी रातों में सायरन की गूंज, गलियों में टॉर्च की रोशनी और पुलिस की आवाजें बता रही हैं कि देहरादून में नशा माफिया के बुरे दिन आ गए हैं।
आज दून की सड़कों पर बारिश सिर्फ पानी नहीं बरसा रही थी — वह नशे के कारोबारियों के लिए आफत बनकर बरस रही थी।
क्योंकि ये लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं… ये लड़ाई दून की आत्मा को बचाने की है।
