“ईरान में फंसे अपनों की वापसी की उम्मीद!”उत्तराखंड प्रशासन का बड़ा कदम — युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे प्रवासियों को सुरक्षित लाने की कवायद शुरू

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📍 देहरादून | Meru Raibar News | 21 जून 2025

“जब जंग सरहदों के पार होती है, तो दिल अपनों के लिए धड़कते हैं…”
ईरान-इज़रायल युद्ध की चपेट में फंसे हजारों भारतीयों की तरह, उत्तराखंड के प्रवासी भी विदेश में दहशत के साए में जी रहे हैं।
अब देहरादून प्रशासन ने एक उम्मीद की किरण जगाई है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने खुद सामने आकर यह ऐलान किया है “हम अपने हर प्रवासी को सुरक्षित घर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


🆘 संघर्ष के बीच फंसे उत्तराखंडी — सरकार सक्रिय

भारत सरकार ईरान से सुरक्षित निकासी अभियान चला रही है। इसी क्रम में उत्तराखंड शासन ने वहां मौजूद प्रवासी उत्तराखंडियों का विवरण इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू की है।

जिन्हें भी अपने घर वापस लौटना है — अब समय है जानकारी साझा करने का।


📋 ये डिटेल भेजनी होगी — ताकि मिल सके रेस्क्यू की राह

ईरान में रह रहे उत्तराखंडी प्रवासियों या उनके परिजनों से अपील की गई है कि वे निम्न विवरण उत्तराखंड शासन की ई-मेल gadukgovt@gmail.com पर भेजें:

  1. व्यक्ति का नाम
  2. पिता/पति का नाम
  3. उत्तराखंड में स्थायी पता
  4. संपर्क मोबाइल नंबर
  5. साथ रहने वाले परिजनों का नाम
  6. ईरान में वर्तमान पता और मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर
  7. पासपोर्ट नंबर

📞 ज़रूरत है संपर्क की — मदद की हर डोर है खुली

प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि हर एक व्यक्ति तक मदद पहुंच सके:

  • 📲 व्हाट्सएप: 7534826066
  • ☎️ लैंडलाइन: 0135-2726066
  • 📞 टोल फ्री: 1077

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा —
🗣️ “उत्तराखंड का हर नागरिक हमारे लिए कीमती है। कोई भी पीछे नहीं छूटेगा।”


💔 वहां जंग, यहां इंतजार

ईरान में रह रहे उत्तराखंडी नागरिकों के घरवालों की आंखें आज भी दरवाज़े की तरफ टिकी हैं।
हर फोन कॉल, हर मैसेज — उन्हें उम्मीद देता है कि कोई खबर आए, कोई उड़ान आए।


हम सबका फर्ज़ — मिलकर उन्हें घर लाना है

इस प्रयास में सिर्फ सरकार नहीं, हर नागरिक की भूमिका अहम है।
अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो ईरान में फंसा है — उन तक ये जानकारी पहुंचाएं।
यह सिर्फ सूचना नहीं, किसी की घर वापसी की पहली सीढ़ी हो सकती है।


🧠 अंतिम पंक्ति — सोचने की बात:

“सरहद पर जंग जारी है, लेकिन अपनेपन की दीवारें अब भी मजबूत हैं।
उत्तराखंड अपने हर बेटे-बेटी को वापस लाएगा — क्योंकि हम छोड़ते नहीं, जोड़ते हैं!”


🖋️ रिपोर्ट: Meru Raibar News
📍 जहां दर्द है, वहां खबर है — सच की सबसे संवेदनशील आवाज़

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