प्रीतम का बीजेपी प्रेम पुराने भाजपाइयो पर भारी
टिहरी गढ़वाल मे जिले की उपजाऊ विधान सभा धनोल्टी इस बार की करवट बैठने जा रही है ? क्या प्रीतम के बीजेपी प्यार के बाद इसके समीकरण पर कुछ असर पड़ने वाला है इसको लेकर अब गली चौक और नुक्कड़ पर चर्चाओ का दौर सुरू हो गया है |उत्तराखंड की धनोल्टी विधान सभा मे इस बार कॉंग्रेस के बुजुर्ग नेता जोत सिंह बिष्ट के प्रति चल रही सहानुभूति की लहर को 5 जी की गति से बीजेपी मे सामिल निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पँवार ने जो रेडियेसन फैलाई उसके प्रभाव को न्यूट्रल करने मे कॉंग्रेस के जोत सिंह को समय जरूर लगेगा |
धनोल्टी के साथ यमनोत्री पर असर का दावा

बीजेपी आलाकमान को धनोल्टी के साथ यमुनोत्री विधानसभा मे अपने मतदाताओ पर प्रभाव का हवाला देते हुए विधायक प्रीतम पँवार ने कमल का फूल पकड़ कर एक साथ दो विधान सभा मे जीत का जो बीजेपी आलाकमान को स्वप्न दिखाया है उसकी सुबह होने मे अभी वक्त लगेगा | यमुनोत्री विधान सभा मे यमुना घाटी से जायदातर दावेदारों की मौजूदगी से अभी तक वीरान पड़ी गंगा घाटी के मत जीत का गणित बदलने का दम रखते है | वही कॉंग्रेस के संजय डोभाल और उत्तरकाशी के वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजलवान के पास एक जैसी युवाओ की टीम है और दोनों ब्राह्मण है | गंगा घाटी के गणित को समझते हुए दीपक ने चिन्यालीसौड़ को केन्द्रित करते हुए ही अपनी रणनीति तैयार की है | पिछले दिनो रक्षा बंधन पर 35 हजार बहिनो के द्वारा रक्षा सूत्र बांधने से उत्साहित दीपक के समर्थको ने निर्दलीय प्रत्यासी के तौर पर हीअपनी जीत का दावा ठोक दिया है | इतना तय है की दोनों युवाओ मे चुनाव को लेकर यदि कोई सम्झौता हुआ तो यमुनोत्री मे किसी तीसरे की जीत का सपना मंद पड़ सकता है | प्रीतम पँवार को यमुनोत्री की राजनीति छोड़ धनोल्टी मे अपने अलग -थलग पड़े कार्यकर्ताओ को एकजुट करने मे ही पसीना बहाना पड़ रहा है | दरअसल कभी यमुनोत्री और कभी धनोल्टी के बीच झूलते हुए पँवार दोनों तरफ मतदाताओ पर विश्वास खो चुके है जिसे पुनः हासिल करने मे समय लगेगा| इसके लिए विधायक निधि का उपयोग किया जा सकता है जो कभी नफे के स्थान पर नुकसान का भी कारण बन सकता है |
राजनैतिक जीवन के अंतिम छोर पर – एक अंतिम मतदान की जोत सिंह की अपील
बीजेपी के दर्जन भर दावेदरों की लिस्ट की तुलना मे धनोल्टी मे जोत सिंह बिष्ट अभी तक कॉंग्रेस पार्टी मे सबसे अगली पायदान पर चल रहे थे उसके पीछे का गणित भी आम लोगो के साथ अन्य टिकट के दावेदारों को समझ आ रहा था | दरअसल जोत सिंह बिष्ट 40 साल के राजनैतिक सफर के बाद इस बार अंतिम बार जनता के बीच विधायक प्रत्यासी के तौर पर मतदान की मांग कर रहे है, जिसे पक्ष और विपक्ष के नेता भी अपने फ़ेवर मे इस तरह से मान कर चल रहे थे , उन्हे लगता है कि इस बार अपना समर्थन जोत सिंह बिष्ट को देने से अगली बार मैदान खाली होगा जिसे आशीर्वाद के साथ आसानी से भरा जा सकता है , वही विधानसभा मे युवा नेताओ की एंट्री से उनका अगला नंबर भी मुसकिल मे पड़ सकता है |
ऐसे चलता है धनोल्टी मे वोट का गणित
धनोल्टी विधान सभा को भौगोलिक रूप से चार पॉकेट मे बाँट सकते है | वर्तमान मे इस विधान सभा मे कुल 81हजार 37 मतदाता है और अभी तक के रुझान के आधार पर लगभग 68 से 70% मतदान विधान सभा चुनाव मे हो सकता है | मान सकते है कि 55 हजार मत ही इस बार निर्णायक होंगे जिसमे से
1 – नैनबाग मे 20500
2- थट्यूड मे 22500
3- सकलाना मे 11000 और
4 थौल धार मे करीब 27000 मतदाता निवास करते है |
जिसमे से जोत सिंह बिष्ट सबसे बड़े पॉकेट थौल धार से ताल्लुक रखते है | जबकि बीजेपी के नारायण सिंह नैनबाग से और प्रीतम सिंह थट्यूड से संबंध रखते है |
वही प्रीतम सिंह पँवार को अपने नए घर मे पहले से ही बिसात बिछाए बीजेपी से पूर्व विधायक महावीर रांगड़, नारायण सिंह राणा और राजेश नौटियाल से जूझकर अपनी जगह तैयार करनी होगी
