ऋषिकेश
अमित सिंह कण्डियाल
नगरनिगम पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पिछले दिनों नगरनिगम बोर्ड बैठक में आये ऑरेंज सिटी का प्रस्ताव अब चर्चाओं में हैं। ऑरेंज सिटी के प्रस्ताव का विवाद इतना बढ़ गया कि भाजपा के करीब 2 दर्जन पार्षदों द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की गयी। प्रेस वार्ता में नगरनिगम के भाजपा पार्षदों द्वारा कहा गया कि ऑरेंज सिटी के प्रस्ताव को लेकर उनका कोई विरोध नहीं है बल्कि भगवा रंग उनको भी पसंद है। प्रस्ताव का विरोध इसलिए किया जा रहा है कि बजट के अभाव में विकास कार्यों को रोका गया हैं, इसलिए जब पर्याप्त बजट होगा तब इस तरह के प्रस्ताव पास किए जाने चाहिए।
वहीं प्रेस वार्ता के दौरान पार्षदों द्वारा नगरनिगम के विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप भी लगाए गए। जिसको लेकर एक पार्षद ने तो नारा भी कह दिया कि ” भगवा से बैर नहीं , अनिता तेरी खैर नहीं “
बीते 15 मार्च को नगरनिगम सभागार में बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान महापौर अनिता मंमगाई द्वारा ऑरेंज – सिटी का प्रस्ताव रखा गया। जिस प्रस्ताव का बड़ी संख्या में पार्षदों ने विरोध किया। इतना ही नहीं बल्कि प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेसी , निर्दलीय ही नहीं बल्कि भाजपा के पार्षद भी बैठक से वॉकआउट कर गए। अपनी ही सरकार के पार्षदों द्वारा इस तरह के वॉकआउट से आक्रोशित नगरनिगम मेयर द्वारा 16 मार्च को संतो के साथ शहर में वॉकआउट किए गए पार्षदों के विरोध में रैली निकाली गई। 16 मार्च को निकाली गई रैली के बाद भाजपा पार्षदों द्वारा 17 मार्च को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया कि नगर निगम महापौर द्वारा ऑरेंज – सिटी का प्रस्ताव लाया गया था। जिसको ठुकराने का कारण यह रहा कि नगरनिगम के पास विकास कार्यों को कराने के लिए बजट नहीं और पूरे शहर को ऑरेंज – सिटी बनाने के लिए पुताई का खर्च उठाने की बात की जा रही है। उन्होंने बताया कि संतो को गुमराह कर वॉकआउट किए गए पार्षदों के विरोध में 16 मार्च को निकाली गई रैली निंदनीय है। जिसका प्रेस वार्ता में मौजूद भाजपा के करीब दो दर्जन पार्षदों ने विरोध जताया।
वहीं भाजपा के वरिष्ठ पार्षद शिवकुमार गौतम ने प्रेस वार्ता के दौरान यह तक कह दिया कि ” भगवा से बैर नहीं अनिता तेरी खैर नहीं “। प्रेस वार्ता में पार्षदों द्वारा नगरनिगम में पिछले 2 वर्षों में होने वाले विकास कार्यों के घोटालों की भी बात की गई। पार्षदों ने बताया कि जल्द ही नगरनिगम द्वारा हुए कार्यों की जांच होनी चाहिए। जिनमें बड़े घोटाले सामने आने की आशंका है।
