बेपनाह खूबसूरत लोकेशन के बाद भी कुंआरीपास लॉर्ड कर्जन ट्रेकरूट कैसे होगा गुलजार,
हाई कोर्ट की रोक से पर्यटन व्यवसाय हुआ बेजार,
पर्यटन प्रदेश का सपना ऐसे कैसे होगा साकार,
प्रदेश सरकार क्यों है मौन सरकार ????
पर्यटन की उम्मीद से बना पृथक उत्तराखंड राज्य में पदोन्नति मे आरक्षण नही लगाए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार चुप्पी साथ लेती है, राजधानी की बरसाती नदियों पर अतिक्रमण हटाने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर उन्हें छूट देती है सरकार तो खूबसूरत बुग्याल में पर्यटको की आवाजाही पर कोर्ट के आदेश का ड्रामा क्यों?

सूबे के खूबसूरत उच्चहिमालयी बुग्यालों में कैंम्पिंग और रात्रि प्रवास पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक का असर हिमालयी छेत्र के एडवेंचर टूरिज्म पर पड़ना लाजमी है, इन दिनो चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक में स्थित देश के 10 खूबसूरत डेस्टीनेशनों में एक कुँवारी पास लॉर्ड कर्जन ट्रेक रुट पर्यटकों की बाट जोह रहा है,अपनी बेहतरीन लोकेशन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विख्यात कुंआरी पास देश के दस खूब सूरत ट्रेकिंग डेस्टीनेशन में गिना जाता है खुलारा,ताली,गेलगाड़,गोरसों,कैंप इन दिनो बर्फ के लकदक है और पूरे कुआरी बुग्याल बर्फ का रेगिस्तान जैसा नजर आ रहा है,लेकिन पिछले कुछ वर्षो से कैंप करने पर हाईकोर्ट की रोक लगने से यहाँ पर पर्यटकों की आमद कम होने से यहाँ के रजीस्टर्ड स्थानीय पर्यटन कारोंबारियों पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
संजय कुँवर जोशीमठ, ।

,प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब इस ट्रेक रूट पर अब एक्का दुक्का पथारोही दल ही दिखाई दे रहे है,वही पर्यटन प्रदेश का सपना दिखाने वाली सूबे की सरकार आखिर इस मसले पर अब तक चुप्पी साधे है जिसका खामियाजा सूबे के पथारोहण पर्यटन कारोबारियों को भुगतना पढ़ रहा है,जोशीमठ के ट्रेकिंग कारोंबारी सोहन सिंह बिष्ट का कहना है कि इन दिनों गोरसों से लेकर ताली खुलारा कुआरी बुग्याल का नजारा बेहद आकर्षक बना हुआ है,मीलों फैले बुग्यालों में बर्फ रेगिस्तान जैसे पसरी हुए है लेकिन यहाँ अब इन दृश्यों को देखने वाले कदर दानो की कमी हो गई है,यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में देशी विदेशी सैलानी लॉर्ड कर्जन ट्रेक से ही मूँह मोड़ लेंगे,
