एक ओर बार्डर पर आंखे दिखा रहे पड़ोसी देशों की नाक में नकेल डालने के लिए खुद पूर्व सेना प्रमुख और सड़क परिवहन मंत्री दौरा कर रहे है, वही राज्य सरकार पिछले 30 वर्षों में भी सीमन्त विकास के नाम पर भी पलायन की तरह उजड़े पहाड़ी गाँव की तरह खंडहर खादी ग्रामोद्योग को फिर से नही बसा सकी। पूर्व संयोजक बीजेपी उत्तरकाशी जगमोहन रावत ने बताया कि वर्ष 1991 में भूकंप की त्रासदी से पूर्व भटवाड़ी में इसी सरकारी कार्यालय से ग्रामीण लाभ ले रहे थे, इस दौरान प्रकृति क्या रूठी की सरकार ने भी मुह फेर लिया । बड़ा सवाल ये की सीमांत विकास प्राधिकारण का धन किधर खर्च हो रहा था, प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत ने बताया कि अपने पिछले कार्यकाल में भी उन्होंने इसे आबाद करने के लिए आवाज उठाई किन्तु महानगर के शोर में आवाज दब गई। इस बार विभागीय सचिव ने जो भरोसा दिलाया है उसमें सीएम त्रिवेन्द्र रावत कज रजामंदी का छौंक भी लग चुकी है, बस अब इंतजार है भटवाड़ी की पुराने दिनों के लौट आने की।
गिरीश गैरोला
दूसरी बार भटवाड़ी से निर्वाचित ब्लाक प्रमुख श्रीमती विनीता रावत जी ने उत्तराखंड के खादी ग्राम उद्योग विभाग के सचिव मनीषा पवार जी से उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी में खस्ताहाल खादी ग्राम उद्योग विभाग के भवन के संबंध में विभागीय सचिव से विस्तृत वार्ता की।

प्रमुख विनीत रावत ने कहा सीमांत विकास खंड भटवाड़ी होने के नाते पूर्व में खड़ी ग्राम उद्योग विभाग के स्थानीय भवन में पर महिलाओं , युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों के लिए प्रशिक्षण एवं अनेक रोज गार परक कार्यक्रम चलते रहते थे जिससे स्थानीय लोगों को उद्योग विभाग से लाभ भी मिलता था ।
स्थानीय भेड़ पालकों की स्वेटर, पंखी , कोट पटियाला एवं अन्य कताई बुनाई का कार्यक्रम भी चलता था।
उक्त प्रकरण पर सचिव महोदय ने स्पष्ट निर्देश किए जिस प्रकार से पूर्व की भांति विकासखंड के अंदर खादी ग्राम उद्योग विभाग का कार्यक्रम चलता था उसी प्रकार से निरंतर अभी भी चलेगा ताकि स्थानीय लोगों को उससे लाभ मिल सके
