पहाडो की रानी मसूरी में रिक्सा चालकों की हालत बद से बद्दतर फटे हाल रिक्सा मालरोड के लिये बन रहे बदनुमा दाग
पहाड़ों की रानी मसूरी को पर्यटन सीजन के लिए तैयार करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा तैयारी सुरु कर दी गई है | जिसके तहत माल रोड को खूबसूरत बनाए जाने को लेकर बिजली और टेलीफोन की तारों के जाल से निजात दिलाने के लिये सभी तारो को अंडरग्राउंड किया जा रही है तो वही माल रोड को रंग बिरंगी लाइटों से सजाने के लिए फसाड लाइट लगाकर जगमगाया जा रह है , जिससे माल रोड अद्भुत और खूबसूरत लग सके। परंतु माल रोड में पर्यटकों के लिए एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाने के लिए साइकिल रिक्शा संचालित किए जाते हैं जिनकी हालत वर्तमान में बद से बदतर हो रखी है जो माल रोड की खूबसूरती में कहीं न कहीं दाग लगाने का काम कर रहे हैं। साइकिल रिक्शा चालक द्वारा बताया गया कि लाॅकडाउन के दौरान और अब उनकी हालत ठीक नही है लाॅकडाउन के दौरान उनके पास खाने तक के लिये पैसे नहीं थे वही अब कुछ काम चला है जिससे वह अपने पेट के साथ अपने बच्चों को खाना खिला पा रहे है वही उनके पास बच्चों के स्कूल की फीस जमा करने के लिये भी पैसा नही है। ऐसे में वह अपना रिक्शा किस तरीके से मेंटेन करें। रिक्शो की हालत बद से बदतर हो गई है जिसमें पर्यटक भी बैठने से कई बार कतराते हैं। वही रिक्शा चालकों की भी हालत काफी दयनीय है जिनको मदद की दरकार है ऐसे में रिक्शा चालकों द्वारा सरकार, स्थानीय विधायक और स्थानीय पालिका प्रशासन से उनके रिक्शा की मरम्मत के साथ उन को आर्थिक रूप से मदद दी जाने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने मसूरी विधायक और सरकार से मांग करी है कि उनके रिक्शे को मेंटेन कराने के लिए वह उनकी मदद करें जिससे कि देश-विदेश से पर्यटक उनके रिक्शा में बैठकर माल रोड खूबसूरत नजारों के साथ आबोहवा का आनंद ले सके। बता दे कि साइकिल रिक्षा एकमात्र माल रोड पर आवाजाही का साधन है जिससे पर्यटक खासकर बुजुर्ग और बच्चे रिक्शे में बैठकर माल रोड का आनंद ले सकते हैं।
