देहरादून। उत्तराखंड के लोकगायक, जनकवि और सांस्कृतिक प्रतीक नरेंद्र सिंह नेगी ने 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित महापंचायत को लेकर प्रदेश की जनता से व्यापक अपील की है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई पूरे उत्तराखंड की आत्मा, अस्मिता और पहाड़ की बेटियों के सम्मान की लड़ाई है।
श्री नेगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आज अन्याय के खिलाफ सामूहिक स्वर नहीं उठा, तो कल पहाड़ की हर बेटी असुरक्षित महसूस करेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें।
उन्होंने कहा कि यह महापंचायत न्याय, संवेदना और मानवीय मूल्यों के पक्ष में एक जनआंदोलन है। पहाड़ की संस्कृति ने हमेशा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी है और आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की ज़रूरत है।
इस अवसर पर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच से कमला पंत, मोहित डिमरी, उमा भट्ट, सूरज नेगी, नवीन जोशी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने और अंकिता को न्याय दिलाने के संकल्प को दोहराया। संघर्ष मंच ने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक दोषियों को सज़ा और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता। महापंचायत को लेकर प्रदेशभर में जनसंपर्क और जनजागरण तेज़ किया जा रहा है।
