तेज बारिश ने छीना आशियाना, SSP देहरादून मौके पर पहुंचे, राहत-बचाव में जुटी टीमें
देहरादून।
“एक पल में सब कुछ खत्म हो गया… दीवारें हिल रही थीं, और फिर मकान आंखों के सामने धराशायी हो गया…”
कारगी ग्रांट की मदीना मस्जिद गली में आज सुबह ऐसा ही मंजर देखने को मिला, जब भारी बारिश के कहर से नदी किनारे बने दो मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। मलबे और बहते पानी के बीच लोग चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागते रहे।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर दौड़ीं। एसएसपी देहरादून खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया। उन्होंने आसपास के 10 मकान खाली करवाने के निर्देश दिए, ताकि किसी और जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।

एसएसपी देहरादून ने कहा:
“हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। राहत-बचाव का काम तेजी से चल रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।”
शाहिद अंसारी और शहीद इद्रिशी, जिनके मकान गिर गए, सदमे में हैं। शाहिद अंसारी की आंखों में आंसू हैं। वे कांपती आवाज़ में कहते हैं:
“सारी ज़िंदगी की कमाई इसी मकान में लगी थी… अब सब खत्म हो गया।”
गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, गुलजार अंसारी और मुस्तकीम के मकानों में भी दरारें आ गई हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
पीएसी बल को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि भीड़ को कंट्रोल किया जा सके और राहत कार्यों में कोई बाधा न आए।
बारिश का कहर यहीं नहीं रुका। तेज़ पानी का बहाव और कटाव देखकर लोग डर के साए में जी रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की चेतावनी जारी की है।
इस हादसे ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है — क्या हम वाकई कुदरत के आगे तैयार हैं? या फिर हर बरसात में यूं ही कोई अपना सब कुछ खोता रहेगा?
