उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा की तैयारियों के तहत यमुनोत्री धाम के नोडल अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अनन्त शंकर ताकवाले ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यमुनोत्री पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर व डंडी-कंडी संचालन के लिए रोटेशन प्रणाली लागू करने, भीड़ प्रबंधन और वैकल्पिक मार्ग योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल दोनों ओर तैनात करने के निर्देश दिए।
सोमवार को पुलिस महानिरीक्षक अनंत शंकर ताकवाले ने डामटा, बड़कोट, पाली गाड़, डाबरकोट, जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। आईजी ने यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही घाटों पर फायर सर्विस, एसडीआरएफ और क्यूआरटी टीमों की तैनाती पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने यात्रा के दौरान आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए धाम, प्रमुख पड़ावों और पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने व बाहरी व्यक्तियों का शत प्रतिशत सत्यापन करने को कहा। सभी वाहन चालकों का विवरण सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराने व अधिक दबाव की स्थिति में फूलचट्टी और रानाचट्टी को अस्थायी होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग करने को कहा।
उन्होंने यात्रा मार्ग पर कूड़ा-निस्तारण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ढलानदार व फिसलन वाले स्थानों पर नियमित सफाई करने की बात कही।
उन्होंने विभिन्न पर्यटन पुलिस चौकियों, बैरियरों एवं पंजीकरण केंद्रों पर तैनात पुलिस बल के लिए खाद्यान्न, एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराने के निर्देश दिए गए। यातायात का दबाव अधिक होने की स्थिति में जानकीचट्टी से पूर्व फूलचट्टी एवं राणाचट्टी जैसे चिन्हित होल्डिंग क्षेत्रों में वाहनों को अस्थायी रूप से रोके जाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से जानकीचट्टी से पैदल मार्ग पर सायंकाल निर्धारित समय के पश्चात यात्रियों को यमुनोत्री मंदिर की ओर न भेजने के निर्देश दिए गए।
