🔥 सुंदरता, संस्कृति और साहस की कहानी!
“कंटेंट क्रिएटर्स प्रतियोगिता 2025” ने मचाई धूम, उत्तराखंड की विरासत को मिल रही डिजिटल उड़ान!
📍 “अब पहाड़ों की हर गूंज बनेगी ग्लोबल कहानी!”
उत्तराखंड की वादियों में सिर्फ हवा नहीं बह रही…
अब संस्कृति की कहानियां, खानपान की खुशबू और मंदिरों की घंटियों की गूंज डिजिटल स्क्रीन पर उतर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आयोजित “कंटेंट क्रिएटर्स प्रतियोगिता 2025” ने युवाओं को संस्कृति के नए क्रिएटर बना दिया है। इस अनोखी प्रतियोगिता में पूरे राज्य से मिले 110 जोश से भरे कंटेंट — जिनमें 56 रील्स और 54 शॉर्ट फिल्में हैं!

🎬 हर फ्रेम में बसी है उत्तराखंड की आत्मा
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के CEO बंशीधर तिवारी ने कहा —
“यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, यह हमारी संस्कृति और पर्यटन को दुनिया तक पहुंचाने का मिशन है।”
8 अनोखी श्रेणियों में हुई इस प्रतियोगिता में वो सब कुछ है जो उत्तराखंड को खास बनाता है —
- पारंपरिक खानपान से लेकर
- पहाड़ी होमस्टे की गर्मजोशी,
- अनछुए धार्मिक स्थल,
- और रोमांच से भरपूर साहसिक पर्यटन स्थल तक।
📅 26 जून को तय होगी उत्तराखंड की डिजिटल दिशा
सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन FTII और पर्यटन विभाग के विशेषज्ञों की टीम करेगी।
निर्णायक मंडल की बैठक 26 जून को प्रस्तावित है।
हर कैटेगरी में 2 विजेताओं को मिलेंगे ₹5 लाख के पुरस्कार!
🌄 अब रील बनेगी रेल — संस्कृति को आगे ले जाने वाली
जिन पहाड़ों में कभी केवल गूंज सुनाई देती थी,
अब वहां से दुनिया को भेजे जा रहे हैं डिजिटल दस्तावेज —
रील्स, फिल्में और कहानियां, जो उत्तराखंड की आत्मा बोलती हैं।
🎤 “युवा क्रिएटर्स की आवाज़ अब उत्तराखंड की पहचान बन रही है। यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि संस्कृति से जुड़ने का नया युग है।”
✨ सोचिए… अगर एक रील आपकी संस्कृति को दुनिया तक पहुंचा सकती है, तो आप क्या बना सकते हैं?
➡️ यह शुरुआत है डिजिटल देवभूमि की…
