देहरादून में बच्चों का भविष्य बदला! 54 आंगनबाड़ी बने हाईटेक प्ले स्कूल
सबहेडलाइन:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की बड़ी पहल,
✍️ जोरदार ओपनिंग:
अब आंगनबाड़ी सिर्फ पोषण का केंद्र नहीं—
यहां अब सपने गढ़े जा रहे हैं।
देहरादून जनपद में 54 ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों को
मॉडर्न प्ले स्कूल में बदलकर
जिला प्रशासन ने बाल विकास को नई दिशा दे दी है।
🧒🏻 बाल विकास को मिला नया आयाम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में
वर्ष 2024–25 की जिला योजना के तहत
देहरादून जिला प्रशासन ने
54 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया है।
इस ऐतिहासिक बदलाव को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी
लघु सिंचाई विभाग ने निभाई।
📍 कहां-कहां बदले आंगनबाड़ी के चेहरे?
- रायपुर – 02
- डोईवाला – 08
- सहसपुर – 04
- कालसी – 08
- विकास नगर – 08
- चकराता – 24
पहाड़ से मैदान तक—हर बच्चे तक बदलाव।
🏫 अंदर से बाहर तक बदला माहौल
इन आंगनबाड़ी केंद्रों में अब मौजूद हैं—
✔️ स्मार्ट टीवी और स्मार्ट कंटेंट
✔️ रंग-बिरंगी दीवारें और आकर्षक चित्र
✔️ खिलौने, कारपेट, प्लास्टिक चेयर, राउंड टेबल
✔️ स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था
✔️ नियमित पोषण आहार
यह अब सिर्फ आंगनबाड़ी नहीं—एक मिनी प्ले स्कूल है।
🎙️ प्रशासन की सोच, बच्चों का भविष्य
जिलाधिकारी सविन बंसल और
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के नेतृत्व में
इन केंद्रों को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा गया—
बल्कि लर्निंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदला गया।
🗣️ क्या बोले अधिकारी?
सीडीओ अभिनव शाह:
“हमारा लक्ष्य बच्चों को शुरुआती उम्र में ही बेहतर माहौल देना है।
वर्ष 2025–26 में 150 से अधिक आंगनबाड़ी को मॉडर्न बनाया जाएगा।”
जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार:
“इन केंद्रों में स्मार्ट लर्निंग कंटेंट भी उपलब्ध कराया गया है।”
अधिशासी अभियंता विनय कुमार सिंह:
“चकराता ब्लॉक में कई आंगनबाड़ी का कार्य अंतिम चरण में है।”
👩👧👦 माता-पिता की खुशी, बच्चों की मुस्कान
गांवों में अब माता-पिता खुद कह रहे हैं—
“हमारे बच्चे अब शहर जैसे स्कूल में पढ़ रहे हैं।”
बच्चों के चेहरों की मुस्कान
इस बदलाव की सबसे बड़ी गवाही है।
✨ दमदार समापन:**
जब आंगनबाड़ी हाईटेक बनती है,
तो सिर्फ इमारत नहीं बदलती—
पूरा भविष्य संवरता है।
देहरादून ने दिखा दिया—
बचपन में निवेश, सबसे बड़ा विकास है।
