देहरादून में प्रशासन का बड़ा एक्शन: करोड़ों के बकायेदारों पर गिरी गाज, फ्लैट और ऑफिस सील!
डीएम सविन बंसल के आदेश पर चला प्रशासन का हंटर — साई कंस्ट्रक्शन, डीएचएफएल और ओपीजी टीवी की संपत्तियाँ कुर्क!
📰 मुख्य खबर
देहरादून में जिला प्रशासन का शिकंजा अब बड़े बकायेदारों की गर्दन तक पहुँच गया है।
राजस्व बकाया न चुकाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने तीन बड़ी संपत्तियाँ कुर्क कर सील कर दी हैं।

💥 कुर्की की बड़ी कार्रवाई – तीन संपत्तियाँ सील
तहसील सदर क्षेत्र में एसडीएम न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने गुरुवार को एक के बाद एक कार्रवाई की।
टीम ने मैसर्स साई कन्स्ट्रक्शन बिल्डर्स, डीएचएफएल प्रमेसिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और मैसर्स ओपीजी टीवी की संपत्तियाँ कुर्क कीं।
साई कन्स्ट्रक्शन बिल्डर्स के मालिक राजीव त्यागी का राजपुर रोड स्थित विसप्रिंग विला में 4 बीएचके फ्लैट सील किया गया।
इस बिल्डर पर 3.41 करोड़ रुपए की जीएसटी वसूली बकाया बताई गई है।
🏢 डीएचएफएल और ओपीजी टीवी पर भी कार्रवाई
इसके साथ ही, डीएचएफएल प्रमेसिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का कार्यालय सील कर दिया गया है।
इस कंपनी पर 33.83 लाख रुपए का बकाया और 10 प्रतिशत संग्रह व्यय दर्ज है।
वहीं, मैसर्स ओपीजी टीवी के प्रो. सुमित प्रकाश गुप्ता की कैनाल रोड स्थित संपत्ति भी कुर्क कर दी गई है।
इस मामले में कृष्णा होम, राजपुर रोड के एक फ्लैट को सील किया गया।
कुल 20.10 लाख रुपए की वसूली के लिए यह कार्रवाई की गई।
⚖️ डीएम सविन बंसल के आदेश पर सख्ती जारी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी उप जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं —
“बड़े बकायेदारों से किसी भी हालत में राजस्व वसूला जाए।
बकाया न चुकाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपत्ति कुर्क की जाए।”
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने ऐसे कई और बकायेदारों की लिस्ट तैयार कर ली है जिन पर आने वाले दिनों में एक्शन जारी रहेगा।
🚨 राजपुर रोड से लेकर कैनाल रोड तक — कार्रवाई ने मचाई हलचल
देहरादून के पॉश इलाकों में अचानक हुई इन कुर्की कार्रवाइयों से हलचल मच गई।
राजपुर रोड और कैनाल रोड पर मौजूद संपत्तियों पर जब राजस्व टीम ने सील लगाई,
तो आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
कई लोगों ने कहा —
“सरकार ने आखिरकार सख्त कदम उठाया, अब कोई भी बकाया छिपा नहीं रह पाएगा।”
🔚 अंतिम पंक्ति (Powerful Closing Line):
धामी सरकार का संदेश साफ है — अब सरकारी बकाया नहीं रहेगा बकाया।
राजस्व की एक-एक पाई वसूली जाएगी — चाहे बिल्डर हो या बड़ी कंपनी!
