उत्तरकाशी -सीडीओ के बदले डीडीओ तो महिला के बदले पुरुष प्रधान क्यों नही – समस्याओं के स्थान पर अहम की लड़ाई में बीडीसी सदन का बहिष्कार।

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लोकतंत्र की छोटी पायदान बीडीसी की बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारियों के अहम टकराये तो आम आदमी की समस्या तीन महीने के लिए टल गई।

https://youtu.be/iWkwWVIf13c

मामला उत्तरकाशी जिले के चिन्याली सौड़ विकास कार्यालय का है जहाँ बीडीसी की पहली बैठक सुरु हुई तो हर वर्ष की तरह बैठक का संचालन कर रही बीडीओ श्रुति वत्स ने महिला प्रतिनिधियो के स्थान पर उनके पति को सदन से बाहर अन्य रूम में बैठने को कहा, इसे अपने अहम का प्रश्न मानते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने भी बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के बदले उनके प्रतिनिधियो के आने का विरोध सुरु कर दिया। नोक झोंक चल रही थी और चिन्याली ब्लॉक की प्रमुख वंदना सोनी जो सदन की अध्यक्ष होती है चुपचाप देख रही थी उसके बदले ज्येस्ट उप प्रमुख कुलदीप राणा सदन का संचालन करने लगे तो सदन में मौजूद जिला विकास अधिकारी संजय कुमार ने उन्हें रोकते हुए कहा की सदन को दिशा निर्देश देने का अधिकार सिर्फ प्रमुख को ही है , उनकी गैर मौजूदगी में ही ज्येस्ट उप प्रमुख उनका कार्यभार लेकर सदन को दिशा निर्देशत कर सकते है। फिर क्या था पंचायत प्रतिनिधियों ने दलील दी कि जिस तरह जिला स्तरीय अधिकारी के स्थान पर उनके जूनियर को प्रतिनिधि बनाकर सदन में भेजा गया है उसी तर्ज पर प्रमुख के स्थान पर उनके प्रतिनिधि को भी बोलने अथवा सभा संचालित करने का अधिकार है, हालांकि इस दौरान प्रमुख सभागार में मौजूद थी , इसी को आधार बनाकर प्रतिनिधि महिला प्रतिनिधि के बदले उसके पति जो भी सदन में प्रवेश की मांग करने लगे। इस दौरान हुई बहस गर्मा गर्मी में बदल गयी , ज्येस्ट उप प्रमुख कुलदीप राणा ने आरोप लगाया कि उनके साथ डीडीओ ने तय तड़ाक से बात कर उनके सम्मान को चोट पहुचाई लिहाज जब तक बीडीसी में सीडीओ और डीएम नही आ जाते तब तक सदन का बहिष्कार रहेगा ।इस दौरान कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने बहिष्कार का यह कहकर विरोध भी किया कि वे सुदूर इलाकों से काम छोड़कर किराया खर्च कर आई है बार बार सदन का बहिष्कार होगा तो उनके नुकसान कज बगरपायी कौन करेगा।

डीडीओ संजय कुमार ने बताया कि अधिकारी पद नाम से नियुक्त होते है जबकि जन प्रतिनिधि व्यक्तिगत नाम से चुने जाते है, इसलिए अधिकारी अपने बदले किसी अन्य को प्रभार देकर सदन में भेज सकता है जबकि पंचायत एक्ट या अन्य सदन की व्यवस्थाओं में पत्नी के बदले पति प्रतिनिधि बनकर नही आ सकते है। साथ ही सदन में अध्यक्ष को सम्बोधित कर ही सवाल जबाव किये जाते है उनकी मौजूदगी में कोई अन्य उनके सदन चलाने का अधिकारी नही हो जाता है।

नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने के सवाल पर खंड विकास अधिकारी श्रुति वत्स ने बताया कि जिला पंचायत और प्रमुखों का प्रशिक्षण पतंजलि हरिद्वार में सम्पन्न हो चुका है और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों को सदन की गरिमा और कायदे कानून अधिकार और कर्त्यब्य की जानकारी के लिए ब्लॉक स्तर पर ही व्यवस्था शीघ्र की जानी है।

गिरीश गैरोला

चिन्यालीसौड़। क्षेत्र पंचायत चिन्यालीसौड़ की पहली बैठक मैं जिला स्तरीय अधिकारी के  नहीं पहुंचने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने सदन में हंगामा काट कर रोष जताया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक में शामिल जिला विकास अधिकारी द्वारा बैठक का संचालन कर रहे जेस्ट उप प्रमुख को टोकने पर और नियमानुसार सदन  के अध्यक्ष प्रमुख द्वारा बैठक का संचालन की नसीहत देने पर जेस्ट प्रमुख सहित सदन  में मौजूद पंचायत वीडियो पर पर भड़क गए और मीटिंग सभागार से बाहर आकर जिला प्रशासन और डीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।

वीडियो कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर डीडियो के खिलाफ मुख्यमंत्री को निंदा प्रस्ताव भेजकर कार्रवाई की मांग की गयी और कार्रवाई ना होने तक अगली बीडीसी बैठक की  बहिष्कार  करने की चेतावनी दी गयी ।।गुरुवार को क्षेत्र पंचायत चिन्यालीसौड़ की पहली बैठक प्रमुख वंदना सोनी की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक शुरू होते ही पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला विकास अधिकारी से अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के आने पर रोष प्रकट किया और बैठक बहिष्कार करने की चेतावनी दी।

इस बीच बैठक में दिशानिर्देश दे  रहे जेष्ठ उपप्रमुख कुलदीप राणा को जिला विकास अधिकारी संजय कुमार ने यह कहकर टोका कि आप दिशा निर्देश ना दें बल्कि  नियम अनुसार सभापति द्वारा ही दिशा निर्देश दिए जाएं जो नियम संगत है जिस पर जेस्ट .उपप्रमुख और अन्य पंचायत प्रतिनिधि जिला विकास अधिकारी पर भड़क गए  और अनावश्यक रूप से जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार किया और ब्लॉक परिसर में जिला प्रशासन और जिला विकास अधिकारी खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कुछ प्रतिनिधियों ने वीडियो के कक्ष में बैठे  जिला विकास अधिकारी को अभद्र भाषा का आरोप लगाया खूब तू तू मैं मैं हुई , किसी तरह मामला शांत हुआ और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला विकास अधिकारी से माफी मांगने की मांग की परंतु जिला विकास अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने किसी तरह की कोई अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया ना ही किसी और ना ही ज्येष्ठ उपप्रमुख की गरिमा को ठेस पहुंचाने का कार्य किया सिर्फ सदन की अध्यक्ष  द्वारा ही दिशा निर्देश दिये जाने की बात कही थी।

।बैठक में जेस्ट उपप्रमुख कुलदीप राणा, कनिष्ठ उप प्रमुख श्रिमती  उर्मिला रागड, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतूरा सुंदरलाल मटवाण, , अरविंद लाल, कोमल राणा, बिशनलाल, विशन कोटवाल, वीरचंद लोटियाल, सुन्दर लाल, रेखा रमोला,प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

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