पर्यटन विभाग की ओर से की जा रही छापेमारी का किया विरोध

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देहरादून। जौनसार बावर के पर्यटन व्यावसाइयों की बैठक में होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे, रिजॉर्ट आदि के पंजीकरण को सरलीकरण करने और विभिन्न विभागों के बजाय सिंगल विंडो सिस्टम करने की मांग की गई। कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम न होने के कारण व्यावसाइयों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। व्यावसाइयों ने क्षेत्र में पर्यटन विभाग की ओर से की जा रही औचक छापेमारी का भी विरोध किया है।
रविवार देर शाम को चकराता के एक होटल में जौनसार बावर के होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे, रिजॉर्ट सहित पर्यटन व्यवसाय से जुड़े व्यावसाइयों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में व्यावसाइयों ने छह सूत्रीय प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को प्रेषित किया है। ज्ञापन में कहा कि देश की आजादी के बाद भी वर्ष 2008 तक चकराता क्षेत्र में गेट प्रणाली लागू रही, जिससे यहां के पर्यटक स्थलों का विकास ठप रहा। विदेशी पर्यटकों पर पाबंदी के कारण यहां के पर्यटक स्थल दुनिया के पर्यटन के मानचित्र पर नहीं उतर पाये हैं। जबकि प्राकृतिक सुंदरता, जौनसार बावर की अनूठी संस्कृति, रीति रिवाजों, परंपराओं, के चलते जौनसार बावर देश के अंदर अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने महत्वकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। लेकिन होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे, रेस्टोरेंट के रजिस्ट्रेशन की अत्यंत जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए कई विभागों को चक्कर काटने पड़ते हैं। जिसके लिए विभिन्न विभागों का एक ही सिंगल विंडो सिस्टम होना चाहिए। जौनसार बावर जनजाति क्षेत्र होने के नाते यहां की जमीनों को बाहरी व्यक्ति नहीं खरीद सकते। लेकिन ऊंची पहुंच वाले लोग कई तरह के विकल्प लेकर यहां की जमीनों को गरीब लोगों से औने पौने दामों पर लीज के नाम पर खरीदकर उसमें बड़े-बड़े रिजॉर्ट और होटल बना रहे हैं। इन पर रोक लगाई जानी चाहिए। पहले नक्शे ग्राम प्रधान पास करते थे। लेकिन अब जटिल प्रक्रिया के चलते नक्शे पास कराना आसान नहीं है। ऐसे में नक्शे पास करने के लिए प्रधानों को अधिकृत किया जाना चाहिए। होटल और पर्यटन व्यावसाई अपनी जानकारी पर्यटन विभाग को स्वेच्छा से देने को तैयार हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग व प्रशासन की छापेमारी का कोई औचित्य नहीं हैं, जिस पर रोक लगाई जानी चाहिए। लैंड यूज चेंज की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गयी है। पर्यटन विभाग को निर्देशित किया जाय कि वह रजिस्ट्रेशन, गाइड लाइन, तमाम नियम कानूनों का व्यापक प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करे। बैठक में मुन्ना सिंह, सीएस तोमर, विकास अग्रवाल, जगत सिंह चौहान, सुजात अली शाह, रघुवीर सिंह चौहान, यशवीर सिंह चौहान, पीयूष, अनिल सिंह, वीरचंद्र रावत, शमशेर सिंह चौहान, दीपक राज चौहान, फते सिंह चौहान, विपिन तोमर,पलेंद्र सिंह, संदीप सिंह, अंकित तोमर, आशीष भट्ट, अभिलाष चौहान, सुदेश, यशवीर चौहान आदि शामिल रहे।

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