🛑 BREAKING | देहरादून | 19 दिसंबर 2025
**जब थाने पहुँचे मुख्यमंत्री…
और एक लापरवाही पड़ी भारी!**
कोतवाली डालनवाला में औचक निरीक्षण, देर से पहुँचे प्रभारी निरीक्षक—SSP ने किया लाइन हाज़िर
खबर ने देहरादून के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।
आज जब किसी को भनक तक नहीं थी, तभी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री अचानक कोतवाली डालनवाला पहुँच गए।
यह कोई औपचारिक दौरा नहीं था—
यह था औचक निरीक्षण,
और ऐसे निरीक्षण में तैयारी नहीं, हकीकत सामने आती है।

थाने में क्या देखा मुख्यमंत्री ने?
मुख्यमंत्री ने कोतवाली पहुंचते ही—
👉 मालखाने का निरीक्षण किया
👉 CCTNS सिस्टम की जांच की
👉 थाने में लंबित शिकायतों की स्थिति पूछी
👉 CM हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण पर सवाल किए
थाने में मौजूद वरिष्ठ उप निरीक्षक और पुलिस बल ड्यूटी पर मुस्तैद मिला।
फरियादी भी थाने में मौजूद थे—
मुख्यमंत्री ने खुद उनसे बात की।
एक फरियादी ने धीमी आवाज़ में कहा—
“अगर हर दिन ऐसा निरीक्षण हो, तो हमें इंसाफ के लिए भटकना न पड़े।”

गंदगी पर नाराज़गी, व्यवहार पर सख्त निर्देश
थाना परिसर में गंदगी देखकर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई।
स्पष्ट शब्दों में कहा—
“थाना सिर्फ इमारत नहीं, जनता की उम्मीद होता है।”
पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए—
✔ फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार
✔ शिकायतों का तत्काल निस्तारण
✔ थाने में उच्च स्तरीय साफ-सफाई
SSP पहुँचे समय पर… लेकिन प्रभारी निरीक्षक चूके
मुख्यमंत्री के निरीक्षण की सूचना मिलते ही
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तुरंत कोतवाली डालनवाला पहुँचे।
लेकिन यहीं से कहानी ने लिया बड़ा मोड़—
👉 सूचना मिलने के बावजूद
👉 प्रभारी निरीक्षक कोतवाली डालनवाला काफी देर से पहुँचे
यह देरी महंगी साबित हुई।
SSP देहरादून ने तत्काल संज्ञान लेते हुए
👉 प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाज़िर कर दिया।
कोई चेतावनी नहीं,
कोई बहाना नहीं—
सीधी कार्रवाई।
पुलिस महकमे में साफ संदेश
यह कार्रवाई सिर्फ एक अधिकारी पर नहीं—
यह पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है।
“ड्यूटी में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं।”
अंत में एक सवाल…
अगर मुख्यमंत्री अचानक थाने न पहुँचते,
तो क्या यह लापरवाही सामने आती?
आज का यह निरीक्षण सिर्फ खबर नहीं—
यह जवाबदेही की मिसाल है।
📌 **क्योंकि जब सत्ता ज़मीन पर उतरती है,
तो सिस्टम को सीधा खड़ा होना ही पड़ता है।
