- भीषण बारिश, भीगी आंखें, पर हौसला बुलंद!
- 85 वर्षीय मां-बाप को घर से निकाला, बेटों पर केस
- फर्जी प्लॉट आवंटन से हिला प्रशासन, SIT जांच का आदेश
- नगर निगम व एमडीडीए अफसरों की परेड, D.M. ने फटकारा
- SC भूमि बेची, लेखपाल पर एफआईआर के आदेश
🌧️ भीगते कपड़ों में इंसाफ मांगती भीड़ — जनदर्शन में उमड़ा दर्द का सैलाब
तेज़ बारिश भी उन पैरों को रोक न सकी जो इंसाफ की तलाश में जिला कलेक्ट्रेट की चौखट पर पहुंचे थे। सोमवार को हुए जनदर्शन कार्यक्रम में एक नहीं, सौ से ज्यादा शिकायते आईं — और हर शिकायत के पीछे छुपी थी एक तड़पती कहानी।
DM सविन बंसल ने अपनी संवेदनशीलता और सख्त कार्यशैली से हर फरियादी को न केवल सुना बल्कि मौके पर तुरंत फैसले भी लिए।

👴 बूढ़े मां-बाप को बेटों ने निकाला घर से बाहर — DM कोर्ट में केस दर्ज
85 साल के रमेश चंद्र डोवल और 78 साल की उनकी पत्नी — जीवन की संध्या में आश्रय की जगह अपमान मिला। बेटों ने घर से बाहर निकाल दिया। कांपती आवाज़ में बुज़ुर्गों ने कहा:
“हमारा तो अब जीने का भी कोई सहारा नहीं बचा साहब…”
DM ने भरणपोषण अधिनियम के तहत तत्काल वाद दाखिल करने का आदेश दिया — केस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।

🏚️ SC की ज़मीन बेच दी — लेखपाल पर केस
उत्तरकाशी के धन्तोरी गांव में एक अनुसूचित जाति की भूमि बिना अनुमति बेची गई। क्रेता अभिषेक नौटियाल ने कहा:
“नामांतरण के वक्त भी सच्चाई छिपाई गई थी, लेखपाल की रिपोर्ट झूठी है।”
DM ने SSP को आदेश दिया — लेखपाल को नामजद कर मुकदमा दर्ज किया जाए।
🏗️ फर्जी प्लॉट आवंटन — SIT जांच का आदेश
पुनर्वास विभाग ऋषिकेश के भूखंडों में सामने आए फर्जीवाड़ों ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है।
DM ने कहा:
“अब एक-एक प्लॉट की जांच होगी। SIT विस्तारपूर्वक जांच करेगी, कोई नहीं बचेगा।”
🏘️ अतिक्रमण, नाली और नगर निगम की ढीठी — अब XEN रोज़ देंगे हाज़िरी
अम्बेडकर कॉलोनी निवासी नीरज ने बताया कि उनके पड़ोसी ने सड़क के बीचोंबीच नाली बना दी है, जलभराव और अतिक्रमण की स्थिति है।
नगर निगम ने टालमटोल की —
DM ने नाराज़ होते हुए आदेश दिया:
“XEN प्रतिदिन कलेक्ट्रेट में हाज़िरी देंगे, तीन दिन में हल निकालें।”
📑 नक्शा ठीक नहीं, कार्रवाई तय
गांधी रोड निवासी रविन्द्र सिंह की शिकायत — धारा 28 का आदेश 2018 में आया, पर आज तक क्रियान्वयन नहीं हुआ।
DM ने SDM सदर को निर्देश दिए —
“दोषी कानूनगो की निलंबन की फाइल आज ही प्रस्तुत करो।”
🌧️ बारिश में भी उम्मीदें नहीं डगमगाईं
पानी से भीगे कपड़े, भीगते फॉर्म, कांपते हाथ — लेकिन जनदर्शन में पहुंचे लोग अपनी आंखों में उम्मीदें लिए डटे रहे।
DM बंसल का कहना था:
“हर व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाया जाएगा। कोई शोषित नहीं रहेगा।”
🕊️ अंतिम पंक्ति:
जहां लोकतंत्र के गलियारे में जन की सुनवाई होती है, वहीं उम्मीद का सूरज उगता है — और देहरादून में यह सूरज हर सोमवार चमकता है… चाहे बारिश हो या आँधी। 🌦️🌄
