⚡ “पार्क करो और निःशुल्क सफ़र करो” – नया मॉडल- शहर की सड़कों पर दौड़ेगी ‘मिनी ईवी शटल बस’

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🚍 देहरादून को जाम से आज़ादी! शहर की सड़कों पर दौड़ेगी हरित क्रांति की नई पहचान – ‘मिनी ईवी शटल बस’

🔥 सखी कैब के बाद अब मिनी ईवी बसें
🌱 निःशुल्क शटल, स्मार्ट पार्किंग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दोहरी सौगात
📍 पल्टन बाजार से सचिवालय तक बदलेगा शहर का सफ़र


देहरादून अब सिर्फ़ राजधानी नहीं, स्मार्ट और ग्रीन सिटी बनने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
जाम से जूझते शहरवासियों के लिए जिला प्रशासन ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो आने वाले समय में देहरादून की पहचान बदल सकता है।

मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन देहरादून अब 13 सीटर आधुनिक मिनी इलेक्ट्रिक बसों को ईवी शटल सेवा के रूप में शुरू करने जा रहा है। यह सेवा न सिर्फ़ पर्यावरण के अनुकूल होगी, बल्कि आम जनता के लिए राहत की सांस भी बनेगी।


⚡ “पार्क करो और निःशुल्क सफ़र करो” – नया मॉडल

अब परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट और कोरोनेशन की ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले लोगों को
➡️ निःशुल्क ईवी शटल बस सेवा मिलेगी
➡️ शहर के सबसे व्यस्त इलाकों तक सीधी पहुँच होगी

घंटाघर, सुभाष रोड, गांधी पार्क, पल्टन बाजार, राजपुर रोड, सचिवालय रूट
लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में 10 ड्रॉप–पिकअप प्वाइंट तय किए जाएंगे।


🟢 5 बसों से शुरुआत, आगे बढ़ेगा बेड़ा

प्रथम चरण में 05 आधुनिक मिनी ईवी बसें खरीदी जा रही हैं।
इसके लिए जिला प्रशासन ने एडॉर्न एजेंसी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए—

“बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन, रूट चार्ट, डिजाइन और संचालन—हर काम में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।”

उनका फोकस साफ़ है—जाम से राहत, सुव्यवस्थित पार्किंग और सुगम आवागमन।


🚖 सखी कैब से मिनी बस तक – हरित सोच की उड़ान

पहले ही जिला प्रशासन द्वारा
‘फ्री सखी कैब सेवा’ चलाई जा रही है,
जिसमें ईवी टाटा पंच वाहन आम लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों तक निःशुल्क पहुँचा रहे हैं।

अब उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए
➡️ मिनी ईवी बसें
➡️ ज़्यादा यात्रियों के लिए
➡️ ज़्यादा प्रभावी समाधान


🌍 देहरादून की हवा, सड़कों और ज़िंदगी में बदलाव

111 वाहनों की क्षमता वाला परेड ग्राउंड,
132 वाहनों की तिब्बती मार्केट पार्किंग—
अब सिर्फ़ पार्किंग स्थल नहीं,
शहर की ट्रैफिक समस्या का समाधान केंद्र बनेंगे।


✨ आख़िर में एक सवाल…

क्या देहरादून अब सच में स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है?
क्या यह हरित पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगी?

एक बात तय है—
देहरादून की सड़कों पर अब सिर्फ़ वाहन नहीं,
भविष्य दौड़ने वाला है।
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