जयहिंद यात्रा बना कांग्रेस का राजनीतिक मंच : खजान दास का तीखा प्रहार
“जनता जानती है राष्ट्रभक्ति और राजनीति में फर्क, समय आने पर कांग्रेस को सिखाएगी सबक”
देहरादून, 29 मई |
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए “जयहिंद यात्रा” को राजनीतिक मंच बना देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और राजपुर विधायक खजान दास ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस देशभक्ति जैसे पवित्र मंच का भी राजनीतिक दुरुपयोग करने से नहीं चूक रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
खजान दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“कांग्रेस नेताओं की जयहिंद यात्रा में राष्ट्रभक्ति कम, और राजनीतिक बयानबाजी ज़्यादा है। जनता इन सबके बीच फर्क जानती है और समय आने पर उचित जवाब देगी।”
राष्ट्रभक्ति या राजनीतिक एजेंडा?
खजान दास ने कहा कि जब देशभर में पाकिस्तान को करारा जवाब देने पर जश्न का माहौल है और जनता सेना के शौर्य का गौरवगान कर रही है, उस समय कांग्रेस अपने नेताओं की विवादित बयानबाज़ी से देश की एकता को कमजोर कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता तो तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा में सिर्फ सामाजिक सहभागिता के लिए शामिल हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेता उस मंच को राजनीतिक रोटियां सेकने का जरिया बना रहे हैं।
🔍 सेना पर सवाल, पाकिस्तान को फायदा?
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं— राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धारमैया, पूर्व सीएम चन्नी—पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयानों से सेना का मनोबल गिरता है और दुश्मन देशों को कवर फायर मिलता है।
“सेना के शौर्य पर सवाल उठाना, विदेश में भारत की छवि को कमजोर करना और यात्राओं के नाम पर जनता को भ्रमित करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन गई है।”
🛡️ जयहिंद यात्रा – नाम देशभक्ति का, मकसद राजनीति का?
खजान दास ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” जैसी सैन्य उपलब्धियों पर कांग्रेस कोई सकारात्मक चर्चा नहीं कर पा रही है, इसलिए ‘जयहिंद यात्रा’ को राष्ट्रभक्ति का नाम देकर उसकी आड़ में राजनीति कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
“कोई सरकार को कोस रहा है, कोई पार्टी के अंदरूनी झगड़ों में मंच का इस्तेमाल कर रहा है। इससे ज़ाहिर होता है कि कांग्रेस के पास राष्ट्र के नाम पर कहने को कुछ नहीं बचा।”
🗳️ जनता पहचान चुकी है कांग्रेस का दोहरापन
भाजपा नेता ने कहा कि लगातार चुनावी हारों के बाद कांग्रेस वैचारिक और सैद्धांतिक शून्यता की स्थिति में पहुंच चुकी है। अब उसे राष्ट्रभक्ति और राजनीति में भी फर्क नज़र नहीं आता।
“प्रदेश की देशभक्त जनता कांग्रेस के इस दोहरे चेहरे को अच्छी तरह पहचानती है। आने वाले चुनावों में जवाब ज़रूर देगी।”
📌 Meru Raibar की टिप्पणी:
कांग्रेस की ‘जयहिंद यात्रा’ पर उठते सवाल दर्शाते हैं कि देशभक्ति जैसे संवेदनशील विषय को राजनीति से दूर रखना ही लोकतंत्र की सेहत के लिए बेहतर होगा। क्या कांग्रेस इस आलोचना से सबक लेगी या मंच को बयानबाज़ी का अड्डा बनाती रहेगी — ये वक्त तय करेगा।
