रुद्रपुर-केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विधेयक बिल पारित होने का भारतीय किसान यूनियन उत्तराखंड की जिला इकाई ने जिला मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया। इसके साथ ही यूनियन पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पीएम मोदी के नाम से ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान विधेयक बिल किसानों के हित में नहीं है। बिल के कारण किसानों की उपज को व्यापारी ओने पौने दामों पर खरीदेंगे,इसलिए इस बिल को वापस लिए जाने की मांग की जा रही है।किसानों का कहना है कि जो कृषक, उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 पारित किए गए है।वह किसानों के हित में में नहीं है ।इसके पारित होने से मंडी बोर्ड खत्म हो जाएगी। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है।साथ ही कॉरपरेट जगत और बिचौलियों को इसका फायदा होगा।कानून बनने के बाद व्यापारी किसान के फसल को ओने-पौने दामों में खरीदेगा। मंडी खत्म होने के बाद किसानों के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा ।उन्होंने कहा कि इस बिल से देश मे जमाखोरी ओर कालाबाजारी भी बढ़ेगी।उन्होंने कहा कि जब तक यह बिल किसानों के हितों में नहीं दिखाई देता, तब तक पूर्व बिल ही लागू रखा जाए ।अगर ऐसा नहीं होता तो किसान उग्र आंदोलन को विवश होंगे।
प्रेम सहोता(जिलाध्यक्ष,भारतीय किसान यूनियन)
