रूड़की
तहसील परिसर में भाकियू का धरना प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले रुड़की तहसील में केंद्र सरकार की ओर से पास किए गए कृषि और किसान विरोधी 3 आदेशों के बिल का वापस लिए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री के नेतृत्व में भाकियू से जुड़े किसानों ने रुड़की तहसील में केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा 5 जून को लागू किए गए अध्यादेशों का किसान पूरे देश में विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून किसान हित में नहीं है इसीलिए किसान हितों को देखते हुए यह आज आदेश तुरंत वापस लिया जाए। किसानों ने कहा कि उन्हें मोदी सरकार पर पूर्ण विश्वास था कि वह किसानों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम करेगी परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ऊपर तीन अध्यादेश थोपे जा रहे हैं जिसे किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश के गरीब किसानों की सुनवाई सरकार नहीं कर रही है बल्कि अपने सरकार अपने मंत्रियों व विधायकों की आय दोगुना बढ़ा रही है। किसान आत्महत्या कर रहा है किसानों को अपनी फसलों के वाजिब दाम नहीं दिए जा रहे जिससे कि किसान आज भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है । यह जो कानून लाया गया है इससे किसानों का उत्पीड़न होगा। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सरकारी प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण की जाती है उनका भी उचित मुआवजा दिए बिना किसानों को उनके खेत खलियान में उनकी खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया जाता है। जब तक किसानों को उचित मुआवजा या सरकारी नौकरी लिखित समझौते के अनुसार नहीं दी जाएगी तब तक किसान अपनी जमीन नहीं देगा। वही इस पूरे मामले में जॉइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने कहा कि किसानों ने अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा है जिसे आगे पहुचाया जाएगा।
नमामि बंसल (जॉइंट मजिस्ट्रेट)
