मृतक को नसीब नहीं हुआ घाट पर अपनों का साथ
रिश्तेदार बनी पुलिस- ग्राम प्रधान वार्ड मेम्बर के साथ इकलौते बेटे के साथ , करावाया अंतिम संस्कार
कहते हैं नाते रिश्तेदार इसलिए होते हैं कि जब जरूरत पड़े तो एकत्रित हो कर विपदा की घड़ी में साथ दें , लेकिन रानीपोखरी क्षेत्र में एक ऐसी वारदात सामने आई है। जिसे देखने और सुनने के बाद रिश्तेदारों से जैसे मोह भंग सा हो गया है।
अमित कण्डियाल, रानीपोखरी
दरसल रानीपोखरी में रहने वाले एक सेना से रिटायर्ड जवान की माता का अचानक निधन हो गया। सूचना के बावजूद कोविड-19 के कहर की वजह से रिश्तेदार दाह – संस्कार तो दूर घर पर शव के अंतिम दर्शन करने के लिए भी नहीं पहुंचे। ऐसे में शव को उठाने के लिए चार कंधों की जरूरत को भला एकलौता बेटा कैसे पूरी करता। मजबूरी में बेटे ने पुलिस को अपनी आपबीती बताई। फिर क्या था पुलिस ने अपना फर्ज निभाते हुए तत्काल गांव के जनप्रतिनिधियों को एकत्रित किया और मृतक के घर पहुंच गई। जनप्रतिनिधियों और पुलिस ने मिलकर शव को कंधा दिया और मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद घाट पहुंचाया। दाह संस्कार के बाद मदद करने पर मृतक के बेटे ने पुलिस और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
जितेंद्र चौहान ( थानाध्यक्ष , रानीपोखरी )
