देश की सीमा पर देश के लिए शहीद सेना के जवान , सैनिक बिधवा, पूर्व सैनिक और उनके आश्रित बच्चो के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई योजनाए संचलित है | कई कारणो से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रो मे अक्सर इसकी जानकारी नहीं हो पाती है | हालांकि समय समय पर कैंप मे भी इसकी जानकारी दी जाती है फिर भी जिले के दूरस्थ गावों मे जाकर खुद जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अपनी टीम के साथ भ्रमण कर रहे है और पूर्व सनिक एवं सैनिक बिधवाओ से मिलकर उनकी समस्याओ के बारे मे जानकारी जुटा रहे है |
कमाण्डर हेमन्त कुमार जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं कल्याण सिहं गुसांई कल्याण कर्ता द्वारा चिन्यालीसौड़ ब्लाक के दूरस्थ गावों में गढ़वालगाड़, कुमराडा एवं खालसी का भ्रमण किया गया | जिसमें 30 पूर्व सैनिकों एवं 08 विधवाओं से मेल मिलाप कर, उन्होंने मौके पर ही उनकी समस्याओं का निराकरण किया | राज्य/ केन्द्र सरकार द्वारा देय सुविधाओं की जानकारी देते हुए , श्री हेंमत कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए पूर्व सैनिकों व शहीदों की विरागनाओं को आगे आना चाहिए, ताकि उनको इसका लाभ मिल सके l
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व सैनिको को नौकरी में आरक्षण दिया जा रहा है। नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों व विधवाओं को पुनर्निर्माण व पुनर्वास योजना के तहत एकमुश्त आर्थिक सहायता भी दी जाती है। पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। सशत्र सेनाओं में कार्यरत सैनिकों की मृत्यु पर आर्थिक सहायता आश्रित को तुरंत प्रदान की जाती है। जनपद के पूर्व सैनिकों व आश्रितों की आर्थिक सहायता को लेकर प्रभावी रूप से कार्य किये जायेंगे l
इस दौरान कुमराड़ा गांव के 85 वर्षीय वृद्व पूर्व सूबेदार हेमचन्द रमोला भी शामिल थे।
