हमारे देश में रीति रिवाज और परम्पराए हमारी समृद्द संस्कृति कि द्योतक है – इसी बीच कुछ धर्म विरोधी लोगो ने इसकी गलत व्याख्या कर इसका विरूपण कर दिया है , यही वजह है कि वर्षो से होली -दिवाली पर अपने घर गाव जाकर त्यौहार मनाने का जोश अब पूरी तरह ठंडा हो चूका है | बदली परिस्थिति में हर कोई अकेले में बस इस त्यौहार को झेलकर आगे बढ़ना चाहता है | यदि अब भी समाज इन्ही त्योहारों से नशा मुक्ति का संकल्प ले तो फिर से ये त्यौहार प्रेम और भाईचारे का सन्देश दे सकते है |
पवित्रा लीला बाल वाटिका जोशियाडा उत्तरकाशी एवं वी केयर एडीसन सोसाइटी देहरादून के माध्यम से उत्तर काशी में तीन दिवस जन-जागरण कार्यक्रम आम जनमानस और खासकर युवा पीढ़ी के मध्य किया जा रहा है, साथ ही नगर में समाजिक सगठन धार्मिक सगठनो के विचार विमर्स भी किया जा रहा है | वी केयर एडीसन सोसाइटी देहरादून के डायरेक्टर प्रभुजीत सिह ने आज पी जी कालेज के एन एस एस शिवर में युवा पीढ़ी को नशा मुक्त रहने के साथ साथ अपने जीवन में योग ध्यान करते हुए जीवन का लक्ष्य आज से ही तय करने को कहा| पवित्रा लीला बाल वाटिका के अजय बडोला ने गायत्री मंत्र जप ध्यान से नशा मुक्त रहने का सरल मंत्र बताया , साथ ही होली दिपावली के अवसर पर युवा पीढ़ी को नशा मुक्त होली मनाने का सकलप लेना चाहिए | इस अवसर पर मुख्य कार्य करम अधिकारी डा0 डी डी पैनुली डा वीर राघव खंडूरी , डा सुनीता भंडारी , डा माधव जोशी प्रज्ञा जोशी सहित अन्य गणमान्य लोगो ने भाग लिया और नगर को नशा मुक्त बनाने का सकलप लिया
