एक ओर जहा सरकार महामारी के दौरान सस्ते गल्ले कि दुकानों पर निशुल्क राशन वितरित कर रही है वही सिस्टम के कुछ लोग ग्रामीणों के हिस्से की पिछले 5 महीनो कि राशन दबाये बैठे है | मामला ऋषिकेश के श्यामपुर में देखने को मिला जब ग्रामीण अपनी दिक्कत को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान के पास पहुचे | पंचायत प्रतिनिधि संजीव चौहान ने तत्काल पूर्ति विभाग को दूरभाष पर जानकारी दी और चेतावनी दी कि 15 दिनों के अन्दर ग्रामीणों को उनके हिस्से का राशन बाँट दिया जाय अन्यथा वे विभाग के कार्यालय में जाकर तालेबंदी करेंगे |
अमित कण्डियाल, ऋषिकेश
ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र में दर्जनों लोगों को सस्ते गल्ले की दुकान से पिछले 5 माह से राशन नहीं मिला। जिसकी वजह से लोगों को दो वक्त की रोटी के लिए दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ कोविड कर्फ्यू के कारण नौकरी चौपट हो गई है। ऊपर से सस्ते गल्ले राशन की दुकान से राशन नहीं मिल रहा है। ऐसे में भुखमरी की नौबत आने लगी है।
पीड़ित ग्रामीण महिलाएं समस्या को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान के पास पहुंची। संजीव चौहान ने महिलाओं की समस्या सुनकर तत्काल आपूर्ति अधिकारी से फोन पर वार्तालाप कर पिछले 5 माह से रुका हुआ राशन 15 दिनों के अंदर देने की चेतावनी दी। संजीव चौहान ने बताया कि अगर 15 दिनों के अंदर पिछले 5 माह से रुका हुआ राशन लोगों को नहीं मिलेगा। तो वह आपूर्ति दफ्तर में जाकर तालाबंदी करेंगे।
वजह कुछ भी हो सकती है जनता में जागरूकता कि कमी अथवा अधिकारियो की अकर्मण्यता – ऐसे में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पंचायत प्रतिनिधि आगे आकार पीडितो के हक़ में खड़े हुए है इसे परिपक्व होते लोकतंत्र की दृष्टि से देखा जा सकता है |
