श्यामपुर की न्याय पंचायत ग्राम सभा खदरी खड़क माफ के अंतर्गत गुलजार फार्म की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इन दिनों हर्बल रंगों को बनाने में लगी हुई है।जिससे होली पर रसायन रंगों से नहीं बल्कि हर्बल रंगों से होली खेली जा सके।
ग्राम सभा खदरी खड़क माफ की पहाड़ी भुली ग्राम संगठन के आठ स्वयं सहायता समूह के पदाधिकारियों को हर्बल रंग बनाने का चार दिवसीय प्रशिक्षण ग्राम संगठन की अध्यक्ष ईशा कलूडा द्वारा दिया गया। जिसमें रंगों को बनाने से लेकर रंगों को पैकिंग करने का तरीका भी बताया गया और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को भी का कहा गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने घर पर ही उपलब्ध पालक ,चुकंदर गेंदा ,नीम, करी पत्ता ,मेथी ,टेसू के फूल, गुलाब के पंखुड़ियों ,पुदीना ,तुलसी से निर्मित हर्बल रंग बनाए। जिसमें मोहिनी स्वयं सहायता समूह ,शिवांश स्वयं सहायता समूह ,एकता स्वयं सहायता समूह , राधे- राधे स्वयं सहायता समूह, गंगा स्वयं सहायता समूह , वैष्णवी स्वयं सहायता समूह ,ज्वालपा स्वयं सहायता समूह , नया सवेरा स्वयं सहायता समूह। सभी स्वयं सहायता समूह विकासखंड डोईवाला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत हैं। पदाधिकारियों को रंग बनाने का प्रशिक्षण भी विशेष उद्देश्य के लिए दिया गया। जिससे यह बाद में अपने समूह के अन्य सदस्यों को रंग बनाने का प्रशिक्षण प्रदान करके अपने लिए आजीविका का साधन भी बनाने में सक्षम हो सके और स्वरोजगार की तरफ बढ़ने में अग्रसर हो पाये।
हर्बल होली के रंगों को बनाने के लिए स्पेक्स संस्था के कोऑर्डिनेटर नीरज उनियाल जी का बहुत योगदान रहा । स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने ग्राम संगठन की अध्यक्ष ईशा चौहान का आभार प्रकट किया और भविष्य में उनके साथ कार्य करने की इच्छा प्रकट की।
ग्राम संगठन की अध्यक्ष ईशा कलूडा का कहना है जो हर्बल रंग बनायेंगे उसे अपने ग्रामीण क्षेत्र के मार्केट में बेचेगे जिससे महिलाओं के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
