कोरोना महामारी के दौरान नगर में छाई शांति का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध निर्माण के काम में लगे हुए है | शिकायत के बाद पहुचे विभाग के छोटे कर्मियों से जब बात नहीं बनी तो खुद हरिद्वार – रुड़की विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता मौके पर पहुचे किन्तु फिर भी निर्माण कार्य नहीं रुका | विभाग कानून कि धाराओ और उप धाराओ में उलझा हुआ है वही अविअध अतिक्रमण करियो के हौंसले बुलंद है
रुड़की की सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र में नीलम टाकीज की बराबर में कोरोना कर्फ्यू का लाभ उठा कर अवैध तरीके से चल रहे एक भवन के निर्माण के मामले में सोशल मीडिया की खबर का बड़ा असर हुआ है| आज हरिद्वार – रुड़की विकास प्राधिकरण की टीम ने दावा किया है की उन्होंने मौके पर पहुँच कर अवैध निर्माण को रुकवा दिया है |
बता दे की कोरोना महामारी के चलते क्षेत्र में कर्फ्यू लगा हुआ है इस कर्फ्यू के चलते सभी नागरिक पूरी तरह से अपने घरो में कैद है इस कर्फ्यू में सिर्फ मेडिकल से जुड़े लोगो को ही आवाजाही करने की छूट दी गई है, लेकिन इस महामारी का भी कुछ लोग फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे है , जिसका उदाहरण नीलम टाकीज के बराबर में चल रहे एक अवैध निर्माण कार्य में देखने दे मिला | इस भवन का निर्माण कई साल पहले शुरू हुआ था लेकिन नजूल की भूमि होने के चलते हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण ने निर्माण पर रोक लगा दी थी जिसके बाद सालो तक यहाँ निर्माण नहीं हो पाया था
लेकिन कोरोना कर्फ्यू का लाभ उठाकर यहाँ फिर से निर्माण शुरू हो गया है सोशल मीडिया पर विडियो वायरल होने के बाद आज हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण काम को रुकवा दिया है, ऐसा दावा प्राधिकरण के एई डीएस रावत ने किया है , लेकिन उनके इस दावे की सच्चाई कुछ ही देर में खुल गई जब मीडिया के कैमरो ने मौके पर लगातार कार्य जारी होना पाया | इस बारे सहायक अभियंता डीएस रावत ने कहा कि निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है, मुकदमा भी करवा दिया गया है और आगे की कार्यवाही जारी है और अगर फिर भी निर्माण किया जा रहा है तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी
