स्वच्छता मिशन पर किसने लगाए सवालिया निशान|
अरशद हुसैन संवादाता रूड़की
पहले आसन शुद्ध फिर मंत्र – धार्मिक स्थलो के लिए भी यही मान्यता है पर यहा नगर निकाय ने तो अपनी ज़िम्मेदारी से आंखे मूँद ही ली है, दरगाह प्रबंधन ने भी स्वच्छता पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा |
जहाँ एक और केंद्र सरकार स्वच्छता मिशन के नाम पर अरबो खरबों रुपये खर्च कर देश को स्वच्छ बनाने की मुहिम में जुटी हुई है , वहीं आस्था का केंद्र पिरान कलियर गंदगी के अंबार से अटा पड़ा है|
रूड़की से 7 किलोमीटर की दूरी पर विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर साहब की मौजूदगी की वजह से देश ही नही विदेशों से भी लोग यहाँ पर बड़ी आस्था के चलते भारी तादाद में पहुँचते है, पर दरगाह प्रबंधन की तरफ से करोड़ो रूपये सफाई के नाम पर खर्च करने के बावजूद तीर्थ स्थल पर गंदगी का अंबार साफ देखने को मिलता है वही नगर पंचायत होने के बावजूद भी इस धर्म नगरी में सफाई नही हो पाती दूर दूर तक फैली पोलोथिन के कचरे को साफ तौर पर देखा जा सकता है पर इस सब के बावजूद कोई भी विभाग इस गंदगी की ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नही अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर इस गंदगी से तीर्थ स्थल को कब राहत मिलेगी
