देहरादून। जनता कफ्र्यू के दौरान उत्तराखंड में ठीक शाम पांच बजकर पांच मिनट पर लोगों अपने घरों की छतों व गेट पर आए और थाली, घंटी, शंख और ताली बजाकर कोरोना फाइटर को सलाम किया। किसी के हाथ में बर्तन किसी के हाथ में घंटी तो किसी के हाथ में शंख था। प्रधानमंत्री का आह्वान 5 मिनट तक जनता कर्फ्यू के दौरान अपने ड्यूटी निभाने वाले चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, मीडिया कर्मी, पुलिस आदि के लिए ध्वनि आवाज के जरिये आभार प्रकट करने का था। बर्तन और घंटियों की आवाज में ड्यूटी निभाने वाले कर्मवीरों के प्रति आभार झलक रहा था।
हालांकि शाम 5 बजे से 5 मिनट तक आह्वान था, लेकिन करीब 20 मिनट तक लोग कई जगह बर्तन और घंटी बजाते रहे। कई लोगों ने आतिशबाजी कर कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ भगवान से प्रार्थना की। जनता कर्फ्यू की सफलता पर शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था। इसमें सभी लोगों की भागीदारी देकर अपने-अपने कर्तव्य का निर्वाहन किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इससे बचाव के लिए सभी जरूरी ऐतिहातन कदम उठा रही हैं। सरकार किसी अवश्यक वस्तु की कमी नहीं होने देगी तथा यह भी अपील की कि जनता अपने पास कोई भी चीज जमा ना करें। उन्होंने कारोबारियों से भी आग्राह किया कि वस्तु को जमा ना करें और वस्तुओं का दाम ज्यादा ना लें। इसके संबंध में यदि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर सरकार कार्रवाई करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर आज 5 बजे परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में परमार्थ परिवार के सदस्यों ने शंख, घंटी, थाली, और तालियाँ बजाकर कोरोना वायरस, कोविड-19 के खिलाफ अद्म्य साहस के साथ रातदिन अपनी और अपने परिवार की परवाह किये बिना सेवा कार्य कर रहे डाॅक्टर्स, नर्स, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी, मीडियाकर्मी और इस महामारी के समय कार्य कर रहे अन्य सभी का सम्मान और सभी की सेवा को नमन कर विश्व परिवार के स्वास्थ्य की कामना की। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वर्तमान समय में लगभग पूरा विश्व कोरोना वायरस, कोविड- 19 महामारी से जूझ रहा है। भारत के यशस्वी और ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारतवासियों की सुरक्षा के लिये सही समय पर सही निर्णय लिया ताकि हम इस महामारी पर विजय प्राप्त कर सकंे। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि भारत सरकार और राज्य सरकार जो भी निर्देश दे उसका पूरी निष्ठा से पालन करंे जिससे यह महामारी व्यापक रूप न ले सके। इससे न डरें, न घबरायें बस हिम्मत के साथ अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिये घर पर ही रहें। आप अपने लिये एक है परन्तु अपने परिवार के लिये बहुत कीमती हैं। इसलिये इस देश में कोरोना महामारी से लड़ने के लिये जो भी नियम बनायें जा रहे हंै उसका पालन करंे, स्वच्छता का ध्यान रखें। यह मौका है हम सभी के पास अपनी ओर मुड़ने का, अपने लिये और अपनों के लिये जीने का। अन्तरमुखी बनें क्योंकि अन्तरमुखी सदा सुखी और अन्तरयात्रा सबसे बड़ी यात्रा। स्वामी जी ने कहा कि यह समय बाहर की यात्रा का नहीं बल्कि भीतर की यात्रा का है। नेचर (प्रकृति) के अनुसार अपने नेचर (स्वभाव) को बदलें अपनी जीवन शैली को बदलें। कोरोना द्वारा यही प्रकृति का संदेश है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि विश्व परिवार के हमारे भाई-बहन जो इस बीमारी से चपेट में है उन सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिये प्रार्थना करंे। कोविड-19 को हराने के लिये हमें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना है और जितना सम्भव हो सके घर में रहंे। सभी ने मिलकर महामृत्युजंय मंत्र का जप किया तथा विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
