सांकरी – उत्तरकाशी
उत्तरकाशी जिले का सांकरी क़स्बा सिर्फ एक गाव ही नहीं बल्कि एक संस्कृति और साहसिक पर्यटन का केंद्र के रूप में जाना जाता है | ग्रामीण अपनी मेहनत और पसीने की कमाई से जमीन का सीन चीर अपने हिस्से की रोटी का जुगाड़ करते है, वही नयी पीढ़ी पर्यटन की नयी परिभाषा गढ़ने में लगी है |
स्थानीय लोगो के निजी प्रयासों के बाद से ही देशी विदेशी पर्यटकों की यहाँ भीड़ लगी रहती है| लोग यहाँ प्रकृति की खूबसूरती के दर्शन करने के लिए ट्रेकिंग करने आते है और यहाँ कि रीति –रिवाज, पहनावा, खान- पान और समृद्ध संकृति के भी दर्शन करते है | वर्ष भर मेहनत के बाद अपने कुल देवता को धन्यवाद करने के लिए २२ गाव के लोग एक स्थान पर एकत्रित होते है और देव डोली के साथ सामूहिक तांदी, रांसो न्रत्य कर खुस हाली की कामना करते है | ग्रामीणों का देवशक्ति पर अटूट विश्वास है| यही कारण है कि ग्रामीण कुछ भी गलत होने पर कानून से जयादा देव शक्ति का सम्मान करते है और लोगो की यही आस्था उन्हें आपस में जोड़े रखती है |
